

Cyber Crime Awareness: डिजिटल दुनिया एक मायाजाल है, जहां एक क्लिक पर खजाना भी मिलता है और खाता खाली भी हो जाता है। इसी मायाजाल से बच्चों को बचाने के लिए पुलिस अब खुद पाठशाला पहुंच रही है। घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के मध्य विद्यालय में स्कूली बच्चों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने छात्रों को साइबर अपराध और यातायात नियमों की बारीकियों से अवगत कराया।
Cyber Crime Awareness पर थानाध्यक्ष ने दिए ये गुरुमंत्र
थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग में साइबर फ्रॉड एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। उन्होंने छात्रों को चेताया कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही से बड़ी आर्थिक क्षति हो सकती है। उन्होंने बच्चों को कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए:
- किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक पर कभी क्लिक न करें।
- अपना बैंक ओटीपी, पासवर्ड या कोई भी निजी जानकारी किसी के साथ फोन या मैसेज पर साझा न करें।
- सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे घर का पता या फोन नंबर पोस्ट करने से हमेशा बचें।
- यदि कोई भी ऑनलाइन गतिविधि संदिग्ध लगे, तो तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या पुलिस को सूचित करें।
थानाध्यक्ष ने मोबाइल फोन के सुरक्षित उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने छात्रों को मोबाइल का उपयोग पढ़ाई और ज्ञानवर्धक कार्यों के लिए करने की सलाह दी, न कि प्रतिबंधित वेबसाइटों या भ्रामक सूचनाओं के लिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सड़क पर कैसे रहें सुरक्षित, ट्रैफिक नियमों पर भी हुई बात
साइबर सुरक्षा के अलावा, यातायात नियमों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि सड़क सुरक्षा हर व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों को हेलमेट के बिना बाइक न चलाने, सड़क पार करते समय हमेशा दोनों तरफ देखने और ट्रैफिक सिग्नल का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने को एक गंभीर अपराध बताते हुए इससे दूर रहने की सख्त चेतावनी दी।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं अन्य शिक्षकों ने पुलिस प्रशासन की इस अनूठी पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से न केवल बच्चों में जागरूकता का स्तर बढ़ेगा, बल्कि वे अपने परिवार और समाज को भी इन खतरों से आगाह करने में सक्षम होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों ने साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।



