

Bokaro Elections : लोकतंत्र की गंगा में हर किसी को डुबकी लगाने का हक़ है, चाहे उम्र की लहरें धीमी पड़ गई हों या शारीरिक चुनौतियों ने रास्ता रोका हो। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए बोकारो प्रशासन ने एक ऐसी पहल की, जो चुनावी इतिहास में एक मिसाल बन गई है।बोकारो में मतदान प्रक्रिया को समावेशी और सुगम बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय कदम उठाया गया। इस पहल के तहत, गर्भवती महिलाओं, 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं को घर से मतदान केंद्र तक लाने-ले जाने के लिए विशेष टोटो और ऑटो-रिक्शा की व्यवस्था की गई थी। इस सुविधा का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि कोई भी मतदाता शारीरिक अक्षमताओं के कारण अपने मताधिकार का प्रयोग करने से वंचित न रह जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन की यह व्यवस्था उन सभी के लिए एक वरदान साबित हुई, जिन्हें चलने-फिरने में कठिनाई होती है।
Lok Sabha Elections 2024: विशेष सुविधा से मतदाताओं में दिखा भारी उत्साह
इस विशेष परिवहन सेवा का लाभ उठाने वाले मतदाताओं के चेहरों पर खुशी और संतोष का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। कई बुजुर्ग मतदाताओं ने बताया कि पहले उन्हें मतदान केंद्र तक पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस बार प्रशासन की मदद से वे बिना किसी परेशानी के अपना वोट डाल सके।

एक 85 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने भावुक होकर कहा, “इस उम्र में घर से निकलना मुश्किल होता है, लेकिन जब प्रशासन खुद गाड़ी भेजकर बुलाने आए, तो लगा कि हमारा भी कोई मान है।” इस सुविधा ने न केवल मतदाताओं को राहत दी, बल्कि मतदान के प्रति उनके उत्साह को भी कई गुना बढ़ा दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
प्रशासन की पहल बनी मिसाल
जिला प्रशासन की इस पहल की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। यह कदम न केवल लोकतंत्र में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, बल्कि यह समाज के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है। मतदाताओं ने इस सुविधा के लिए प्रशासन का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है। उनका कहना था कि इस तरह की व्यवस्था हर चुनाव में होनी चाहिए ताकि लोकतंत्र के इस महापर्व में हर नागरिक अपनी भागीदारी निभा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन ने भी सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे इन सुविधाओं का लाभ उठाकर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें। यह पहल दिखाती है कि अगर इरादे नेक हों, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।


