

Bokaro News: लोकतंत्र के महापर्व का एक-एक चरण अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है, और पर्दे के पीछे की तैयारी किसी रणक्षेत्र की व्यूह रचना से कम नहीं। चुनावी प्रक्रिया के सफल समापन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है, और इसी कड़ी में सोमवार को चास स्थित वज्रगृह की सुरक्षा का जायजा लिया गया।
Bokaro News: रिसिविंग सेंटर पर कैसी है तैयारी?
बोकारो के डीईओ सह डीसी अजय नाथ झा, डीडीसी शताब्दी मजूमदार और एसी मुमताज अंसारी ने सोमवार शाम चास बाजार समिति पहुंचकर रिसिविंग सेंटर और वज्रगृह की अंतिम तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने मतपेटी प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया की क्रमवार समीक्षा की और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि हर हाल में प्रक्रिया त्रुटिहीन हो। उन्होंने निर्देश दिया कि पीठासीन अधिकारियों से मिलने वाले सभी प्रपत्रों और लिफाफों को पूरी सावधानी से निर्धारित बक्सों में रखा जाए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैलेट बॉक्स को सीधे स्ट्रांग रूम में, स्टैच्यूटरी बॉक्स को अलग सुरक्षित बक्से में और नॉन-स्टैच्यूटरी सामग्रियों को उनके लिए तय किए गए बोरों में ही रखा जाना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस व्यवस्था का उद्देश्य मतगणना के दिन किसी भी प्रकार की उलझन से बचना है।
थके हुए कर्मियों से हो सहयोगात्मक व्यवहार
डीईओ सह डीसी अजय नाथ झा ने निरीक्षण के दौरान मौजूद कर्मियों को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा, “मतदान संपन्न कराने के बाद पीठासीन पदाधिकारी और अन्य मतदान कर्मी दिन भर की थकान के साथ यहां पहुंचेंगे। ऐसे में यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके साथ विनम्र और सहयोगात्मक व्यवहार करें।” उन्होंने संबंधित टीम को निर्देश दिया कि रिसिविंग सेंटर पर सभी के लिए चाय-पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।उन्होंने आगे कहा कि रिसिविंग कर्मियों का काम अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि आज की सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली ही मतगणना के दिन की प्रक्रिया को सरल बनाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी को धैर्य के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया। इस निरीक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि वे प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मियों और पीठासीन अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर रखें और उनका मार्गदर्शन करें।


