

Entrepreneurship Awareness Program: जब जुनून और हुनर का संगम होता है, तो उद्यमिता की एक नई गाथा लिखी जाती है। दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के युवाओं में इसी गाथा की नींव रखने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य उन्हें नौकरी मांगने वालों की कतार से निकालकर नौकरी देने वाला बनाना है। यह आयोजन भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के मुजफ्फरपुर स्थित विकास कार्यालय और पूर्वी चंपारण के समाज रचना केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में क्यों अहम है Entrepreneurship Awareness Program?
दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित इस एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों के मन में उद्यमिता की लौ जलाना और उन्हें स्वरोजगार के विभिन्न अवसरों से परिचित कराना था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसमें एमएसएमई-विकास कार्यालय, मुजफ्फरपुर के सहायक निदेशक श्री अंबूरी शाल्मु राजुलु, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार, समाज रचना केंद्र के परियोजना समन्वयक श्री विपुल कुमार सिंह और डीन (एकेडमी) डॉ. शशि भूषण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

इस अवसर पर अंबूरी शाल्मु राजुलु ने छात्रों को संबोधित करते हुए एमएसएमई मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उद्यम पंजीकरण की प्रक्रिया, वित्तीय सहायता के विकल्प, ऋण सुविधाओं और विशेष रूप से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में अपना योगदान दें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
तकनीकी शिक्षा के साथ उद्यमिता का ज्ञान जरूरी
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में केवल तकनीकी शिक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ उद्यमिता की समझ होना भी अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों को इनोवेशन और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उनके भविष्य निर्माण में मील का पत्थर साबित होते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
समाज रचना केंद्र के परियोजना समन्वयक विपुल कुमार सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए कहा कि सही मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग से कोई भी युवा अपने छोटे से विचार को एक सफल उद्यम में बदल सकता है। वहीं, डीन (एकेडमी) डॉ. शशि भूषण ने कौशल विकास और निरंतर सीखते रहने की प्रवृत्ति पर जोर दिया ताकि छात्र हर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रह सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सफल उद्यमियों ने साझा किए अनुभव
इस कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि इसमें जिले के कई सफल उद्यमियों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने छात्रों के साथ अपने संघर्ष और सफलता की कहानियां साझा कीं, जिससे छात्रों को व्यापार शुरू करने में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनसे निपटने के तरीकों को समझने में मदद मिली। इसके अतिरिक्त, स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर श्री सूर्य प्रकाश सिंह द्वारा वित्तीय साक्षरता पर एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें बजट प्रबंधन, बचत और निवेश के गुर सिखाए गए।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान विशेषज्ञों से अपने मन की शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। अंत में सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए भविष्य में भी इस तरह के आयोजन करते रहने की प्रतिबद्धता जताई गई।



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