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फ़रवरी, 25, 2026
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कर्नाटक Hate Speech: विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल पर ‘नफरती भाषण’ का मामला दर्ज

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अग्नि से निकली चिंगारी की तरह, जब जुबां से शब्द आग उगलते हैं, तो समाज में वैमनस्य की तपिश बढ़ जाती है। कर्नाटक Hate Speech: इसी तपिश की एक नई कहानी कर्नाटक से सामने आई है, जहां एक वरिष्ठ भाजपा विधायक के कथित नफरती भाषण ने नए विवाद को जन्म दे दिया है।

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कर्नाटक Hate Speech विवाद: शिवाजी जयंती समारोह में क्या हुआ?

कर्नाटक के यादगीर जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी कि शिवाजी जयंती समारोह के दौरान कथित तौर पर ‘नफरत फैलाने वाला भाषण’ देने के आरोप में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह घटना जिले के गुरुमठकल कस्बे में 21 फरवरी को शिवाजी जयंती के भव्य जुलूस के बाद आयोजित एक कार्यक्रम में हुई, जहां विधायक मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे।

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प्राथमिकी के अनुसार, विधायक यतनाल ने अपने भाषण के दौरान कई विवादास्पद टिप्पणियां कीं। उन्होंने एक विशिष्ट समुदाय को निशाना बनाते हुए एक हिंदी कविता का उद्धरण दिया और महात्मा गांधी तथा जवाहरलाल नेहरू जैसे राष्ट्रीय नेताओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ का भी जिक्र किया, जिससे एक समुदाय विशेष पर सवालिया निशान लगा, और कुछ ऐतिहासिक हस्तियों के बारे में अपमानजनक बातें कहीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन बयानों के बाद से राजनीतिक गलियारों में गरमागरम बहस छिड़ गई है।

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भाषण के बाद बढ़ीं प्रतिक्रियाएं और पुलिस जांच

यतनाल के इस भाषण के बाद समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने नेता पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए, भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई और उसकी प्रतिलिपि तैयार की गई। प्रारंभिक जांच के बाद, जिला पुलिस कार्यालय से कानूनी राय मांगी गई, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके।

मिली राय के आधार पर, 23 फरवरी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसमें धारा 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास स्थान, आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देना तथा सद्भाव बिगाड़ने के लिए हानिकारक कार्य करना) और 299 (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य करना, उसके धर्म या धार्मिक मान्यताओं का अपमान करना) शामिल हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। गुरुमठकल थाने में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। यह घटना कर्नाटक के राजनीतिक परिदृश्य में एक नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे रही है, और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की चुनौती को भी रेखांकित करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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