

Dhanbad News: सोमवार का दिन धनबाद की अदालत के लिए अमंगल लेकर आया, जब एक धमकी भरे ईमेल ने पूरे न्यायिक परिसर को ‘बम’ के खौफ से थर्रा दिया। झारखंड के धनबाद सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन को एक संदिग्ध ईमेल मिला, जिसमें स्पष्ट रूप से कोर्ट परिसर में बम रखने और उसे विस्फोट करने की चेतावनी दी गई थी।
Dhanbad News: पुलिस ने संभाला मोर्चा, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ता तैनात
इस सनसनीखेज धमकी की सूचना जैसे ही जिला जज तक पहुंची, उन्होंने तुरंत पुलिस प्रशासन को सक्रिय किया। सूचना मिलते ही झारखंड पुलिस की टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंच गई। आनन-फानन में पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। देखते ही देखते 28 कोर्ट बिल्डिंग और विशेष MP/MLA कोर्ट परिसर को एहतियातन पूरी तरह से खाली करा लिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, स्थानीय पुलिस के साथ-साथ डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को भी तत्काल मौके पर तैनात किया गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे न्यायिक परिसर को चारों तरफ से घेर लिया और एक सघन जांच अभियान छेड़ दिया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कोर्ट के सभी आने-जाने वाले रास्तों को फौरन सील कर दिया गया, जिससे पूरा इलाका एक किले में तब्दील हो गया।
ईमेल से मिली धमकी, मचा हड़कंप
अचानक हुई इस घटना और भारी सुरक्षाबल की तैनाती से अधिवक्ताओं, न्यायालय के कर्मचारियों और अपने मामलों के लिए आए वादियों में दहशत फैल गई। कई लोग अपना जरूरी सामान तक छोड़कर परिसर से बाहर भागते नजर आए, जिससे कुछ समय के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, प्रशासन ने स्थिति को संभाला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस की टीम ईमेल भेजने वाले के स्रोत का पता लगाने में जुट गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
साइबर टीम कर रही ईमेल के स्रोत की जांच
अब तक की जांच में किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक मिलने की कोई पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। पुलिस की साइबर टीम भी इस जांच में सक्रिय रूप से शामिल है और उस आईपी एड्रेस का पता लगाने की कोशिश कर रही है, जहां से यह धमकी भरा ईमेल भेजा गया था। प्रशासन पूरी स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी तरह से जांच और परिसर को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही न्यायालय की कार्यवाही को फिर से बहाल करने पर कोई निर्णय लिया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



