

बिहार के सियासी क्षितिज पर केंद्रीय नेतृत्व की धमक एक बार फिर महसूस की जा रही है, जब विकास और सुरक्षा की नई इबारत लिखने के लिए अमित शाह अररिया की धरती पर उतरे हैं। Amit Shah Bihar Visit: गृह मंत्री अमित शाह आज अररिया में हैं, जहां वे राज्य के महत्वपूर्ण अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें करेंगे और दूरगामी प्रभाव वाली योजनाओं में भाग लेंगे।
Amit Shah Bihar Visit: अररिया में गृह मंत्री अमित शाह का धुआंधार दौरा, DM-SP और SSB संग अहम बैठक
गृह मंत्री अमित शाह का आज का अररिया दौरा कई मायनों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका यह कार्यक्रम बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को एक नई दिशा देने वाला है। वे यहां जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में सीमा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं और प्रशासन के समन्वय पर गहन चर्चा की जाएगी। यह खबर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके अतिरिक्त, गृह मंत्री ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक में भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार के सीमावर्ती गांव में बुनियादी ढांचा को मजबूत करना और स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करना है। यह पहल सीमा पर बसे समुदायों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने और उन्हें राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास: एक राष्ट्रीय प्राथमिकता
केंद्र सरकार की यह विशेष योजना सीमा पर स्थित गाँवों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य है कि इन सुदूरवर्ती इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और इंटरनेट जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाए। साथ ही, कृषि, हस्तशिल्प और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देकर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। इन प्रयासों से न केवल सीमावर्ती गांव के निवासियों का जीवन सुधरेगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी इन क्षेत्रों का सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक है।
अररिया में होने वाली इन बैठकों में इन सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा होगी और भविष्य की रणनीति तय की जाएगी। गृह मंत्री का यह दौरा बिहार के सीमावर्ती जिलों में विकास की गति को तेज करने और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


