spot_img

सेबी ने किया म्यूचुअल फंड वर्गीकरण नियमों में बड़ा बदलाव: जानें आपके लिए क्या है खास

spot_img
- Advertisement -

Mutual Fund: भारतीय पूंजी बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड योजनाओं के वर्गीकरण नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जो निवेशकों के लिए पारदर्शिता और स्पष्टता लाएंगे। यह कदम म्यूचुअल फंड बाजार को और अधिक सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे निवेशकों को सही स्कीम चुनने में मदद मिलेगी।

- Advertisement -

# सेबी ने किया म्यूचुअल फंड वर्गीकरण नियमों में बड़ा बदलाव: जानें आपके लिए क्या है खास

- Advertisement -

## म्यूचुअल फंड वर्गीकरण के नए नियम क्या हैं?

- Advertisement -

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 26 फरवरी को म्यूचुअल फंड योजनाओं के वर्गीकरण नियमों को अपडेट किया है। ये नए नियम 6 अक्टूबर 2025 और 6 नवंबर 2025 के पुराने वर्गीकरण नियमों का स्थान लेंगे, और यह म्यूचुअल फंड्स, एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs), ट्रस्टी कंपनियों और एम्फी (AMFI) पर लागू होंगे। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जो बाजार में और अधिक संरचना लाएगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

नए नियमों के तहत, म्यूचुअल फंड योजनाएं अब पांच व्यापक समूहों में वर्गीकृत की जाएंगी: इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, लाइफ साइकिल फंड और अन्य योजनाएं। सबसे बड़ा परिवर्तन इक्विटी फंड्स श्रेणी में देखा गया है, जहाँ प्रत्येक उप-श्रेणी के लिए न्यूनतम आवंटन तय कर दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, ये बदलाव विशेष रूप से निवेशकों को यह समझने में मदद करेंगे कि उनका पैसा कहाँ और कैसे निवेश किया जा रहा है।

* **मल्टी कैप फंड्स:** अब कम से कम 75% इक्विटी में निवेश करेंगे, जिसमें 25% लार्ज-कैप, 25% मिड-कैप और 25% स्मॉल-कैप में अनिवार्य होगा।
* **लार्ज कैप फंड्स:** इनमें न्यूनतम 80% आवंटन अनिवार्य होगा।
* **लार्ज एंड मिड कैप फंड्स:** इनमें 35%-35% अनिवार्य आवंटन होगा।

इन विशिष्ट आवंटन नियमों का उद्देश्य विभिन्न प्रकार के इक्विटी फंड्स के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करना है, जिससे निवेशकों को निवेश निर्णय लेने में आसानी हो। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

## निवेशकों पर क्या होगा असर?

ये नए नियम बाजार में अधिक पारदर्शिता लाएंगे और फंड मैनेजर्स को अपने पोर्टफोलियो को परिभाषित श्रेणियों के भीतर रखने के लिए प्रेरित करेंगे। निवेशकों के लिए इसका मतलब है कि वे अब अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं का चयन अधिक आसानी से कर पाएंगे। यह कदम म्यूचुअल फंड उद्योग में विश्वास को बढ़ावा देगा और लंबी अवधि के निवेश को प्रोत्साहित करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन परिवर्तनों से उम्मीद की जा रही है कि भारतीय म्यूचुअल फंड बाजार में और अधिक परिपक्वता आएगी और यह वैश्विक मानकों के अनुरूप हो जाएगा।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

बिहार में हड़कंप! छुट्टी से लौटे 14 पुलिसकर्मी सस्पेंड, SSP सुशील कुमार ने क्यों लिया इतना कड़ा फैसला?

Bihar Police Action: बिहार के गयाजी में अवकाश समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर नहीं लौटे 14 पुलिसकर्मियों को एसएसपी सुशील कुमार ने निलंबित कर दिया है। इनमें दो SI और 12 सिपाही शामिल हैं#BiharPoliceAction,#GayaNews,#PoliceSuspension

टीचरों की घिनौनी करतूत -छात्राओं के अश्लील वीडियो बनाते पकड़े गए दो शिक्षक सस्पेंड | फर्जी सर्टिफिकेट पर नौकरी, अब बवाल के बाद खुला...

Bihar Teacher Suspension: बक्सर में छात्राओं से छेड़छाड़ और अश्लील वीडियो बनाने के आरोप में दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने उनकी पिटाई भी की थी।#BiharTeacherSuspension,#BuxarSchoolNews,#FakeCertificateScam

Bhagalpur News लोकतंत्र के महापर्व में अटूट आस्था की मिसाल – नहीं रहे भागलपुर के ‘धरती पकड़’ | लड़े 280 चुनाव, इंदिरा-राजीव से...

Bhagalpur News: भागलपुर के 'धरती पकड़' के नाम से मशहूर नागरमल बाजोरिया का 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने पंचायत से लेकर राष्ट्रपति तक 280 चुनाव लड़े, जिसमें इंदिरा औ#BhagalpurNews,#NagarmalBajoria,#DhartiPakad

PMCH में नया चमत्कार! अब 15 मिनट में मिलेगी गंभीर मरीजों को जिंदगी, पटना में बन रहा लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर

Patna Trauma Center: पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में लेवल-1 ट्रॉमा सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है। इसका लक्ष्य गंभीर रूप से घायल मरीजों को 15 मिनट के भीतर उपचार शुरू करना है।#PatnaHealth,#TraumaCare,#PMCHNews