

कर्मचारी बर्खास्तगी: दिल्ली की सियासत में एक बार फिर गर्माहट बढ़ गई है, जहां आम आदमी पार्टी अपनी सरकार द्वारा हजारों कर्मचारियों की कथित बर्खास्तगी के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलने जा रही है।
कर्मचारी बर्खास्तगी: कौन-कौन होगा शामिल और क्या हैं आरोप?
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 1 मार्च को जंतर-मंतर पर एक विशाल रैली का नेतृत्व करेंगे। यह प्रदर्शन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली में हजारों कर्मचारियों की कथित बर्खास्तगी के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस बात की जानकारी देते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली के लोग भाजपा सरकार के जनविरोधी फैसलों से परेशान हैं और अब उनकी नजरें केजरीवाल पर टिकी हैं।
सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि अरविंद केजरीवाल उन हजारों कर्मचारियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे, जिन्हें नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने सभी प्रभावित कर्मचारियों से अपनी-अपनी वर्दी में जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान किया।
प्रदर्शन में शामिल होने वाले प्रमुख कर्मचारी समूह इस प्रकार हैं:
- बस मार्शल
- डीटीसी बस कंडक्टर
- मोहल्ला क्लिनिक कर्मचारी
- डीआईएमटीएस कर्मचारी
- अस्पतालों में काम करने वाले डेटा एंट्री ऑपरेटर
- मोहल्ला क्लिनिक से निकाले गए डॉक्टर और नर्स
- वे 10,000 बस मार्शल जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी है।
रैली में बड़ी संख्या में समर्थकों के शामिल होने की उम्मीद है, जो अरविंद केजरीवाल को अपना आशीर्वाद देंगे। केजरीवाल, पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया के साथ, इन कर्मचारियों के मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अरविंद जी ने इन कर्मचारियों के लिए पहले भी कई लड़ाइयाँ लड़ी हैं।
अदालत का फैसला और सीबीआई की प्रतिक्रिया
इस बीच, दिल्ली की एक अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को आबकारी नीति मामले में “न्यायिक जांच में बिल्कुल भी खरा नहीं उतरने वाला” मामला आगे बढ़ाने के लिए शुक्रवार को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और तेलंगाना जागृति की प्रमुख के. कविता सहित 21 अन्य को इस मामले में आरोपमुक्त कर दिया था।
निचली अदालत द्वारा जांच एजेंसी की कड़ी आलोचना किए जाने के कुछ ही घंटों बाद, सीबीआई ने दिल्ली उच्च न्यायालय में इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की। सीबीआई के प्रवक्ता ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि जांच के कई पहलुओं को या तो नजरअंदाज कर दिया गया या उन पर पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह आबकारी नीति मामला केजरीवाल को राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेलने वाला साबित हो सकता था, लेकिन अदालत के फैसले में ‘क्लीन चिट’ मिलने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
आरोपमुक्त होने पर भावुक नजर आ रहे केजरीवाल ने कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास की “सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश” थी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


