
International Women’s Day: जब समाज की मुख्यधारा से कटकर जिंदगी सलाखों के पीछे कैद हो, तब अधिकारों की बात करना सूरज की एक नई किरण की तरह होता है। कुछ ऐसा ही नजारा दरभंगा के बेनीपुर उपकारा में देखने को मिला, जहां महिला बंदियों के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा की पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। इस कार्यक्रम में न केवल कानूनी जानकारी दी गई, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया गया।
International Women’s Day पर कानूनी अधिकारों की गूंज
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पैनल अधिवक्ता हैदर अली ने सभी महिला बंदियों को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े कानूनों पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कानून ने महिलाओं को कई विशेष अधिकार दिए हैं, जिनकी जानकारी हर किसी को होनी चाहिए, चाहे वे समाज में किसी भी परिस्थिति में क्यों न हों।
इस अवसर पर कारा अधीक्षक विरेंद्र कुमार राय ने कहा कि महिलाएं अब किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं, इसीलिए उन्हें अब आधी आबादी का सम्मानजनक संबोधन दिया जाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब सृष्टि की रचना में दोनों की बराबर की हिस्सेदारी है तो समाज में उन्हें दोयम दर्जे का नहीं माना जाना चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने सभी महिला बंदियों और महिला सुरक्षा कर्मियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हर महिला को अपने महिला अधिकार के प्रति सजग रहना चाहिए।
सरकारी योजनाओं की मिली जानकारी
कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्राधिकार सहायक कुमार गौरव ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए विशाखा गाइडलाइन्स जैसे महत्वपूर्ण कानूनों और उनके उत्थान के लिए चल रही विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने महिला बंदियों को इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
वहीं, कक्षपाल स्वेता सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि आज की महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। इसी आत्मनिर्भरता के बल पर वे देश और समाज का नाम रौशन कर रही हैं। उन्होंने महिला बंदियों को सकारात्मक रहकर जीवन में आगे बढ़ने की सलाह दी। इस कार्यक्रम ने महिला अधिकार की भावना को और मजबूत किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भजन संगीत से मंत्रमुग्ध हुआ माहौल
इस कानूनी और जागरूकता भरे कार्यक्रम का माहौल उस समय भक्तिमय हो गया, जब बंदी जयमाला देवी और शुभकला देवी ने मधुर राम भजन गाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर पैनल अधिवक्ता गुणानंद झा, जेलर अमितेश कुमार, कक्षपाल सुमन कुमारी, शोभा कुमारी और पीएलवी नितीश कुमार राम सहित सभी महिला बंदी और जेल स्टाफ मौजूद रहे।



