
LPG Gas Supply: वैश्विक अशांति का धुंआ अब आपके रसोई तक पहुँचने लगा है। मध्य पूर्व के रणक्षेत्र से उठ रही युद्ध की लपटें, अब गैस सिलेंडरों को भी अपनी आँच में ले रही हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर: LPG Gas Supply पर मंडराया संकट, कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति रुकी
LPG Gas Supply: कमर्शियल सिलेंडर पर इमरजेंसी ब्रेक
मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव और युद्ध जैसी अप्रत्याशित परिस्थितियों ने देश में LPG Gas Supply की उपलब्धता को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर संभावित व्यवधानों की आशंका के मद्देनजर, देश की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसके तहत 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की सामान्य आपूर्ति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडरों के कोटे में भी 20 से 25 प्रतिशत तक की कटौती के निर्देश जारी किए गए हैं।
बीते सोमवार को पेट्रोलियम कंपनियों के राज्य स्तरीय अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के बीच हुई एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन नई पाबंदियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिगड़ते वैश्विक भू-राजनीतिक हालात के कारण, गैस की राशनिंग अब एक अनिवार्य कदम बन गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस फैसले का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और छोटे पटरी कारोबारियों पर पड़ेगा, जिन्हें अब 19 किलोग्राम का व्यावसायिक सिलेंडर आसानी से नहीं मिल पाएगा। इसकी आपूर्ति को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
हालांकि, मानवीय आधार पर केवल अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के छात्रावासों को ही विशेष अनुमति के साथ व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस कदम से होटल और खान-पान उद्योग से जुड़े लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय है, क्योंकि उन्हें अब वैकल्पिक व्यवस्थाओं की तलाश करनी होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सख्त हुए नियम
घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए भी अब सिलेंडर प्राप्त करना पहले जितना सहज नहीं रहेगा। पेट्रोलियम कंपनियों ने ‘एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 12 सिलेंडर’ के पुराने नियम को अब और भी कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया है। जिन उपभोक्ताओं ने चालू वित्तीय वर्ष में अपने कोटे के सभी 12 सिलेंडर ले लिए हैं, उनकी नई बुकिंग को सिस्टम द्वारा स्वचालित रूप से रोक दिया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, अब बुकिंग केवल टोल-फ्री नंबर और आधिकारिक मोबाइल ऐप के माध्यम से ही स्वीकार की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके अतिरिक्त, सिलेंडर की डिलीवरी के समय ग्राहक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाला ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना ओटीपी सत्यापन के अब किसी भी कीमत पर सिलेंडर की डिलीवरी नहीं की जाएगी, जिससे बिचौलियों और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस बढ़ते संकट पर, स्थानीय अधिकारी फिलहाल फूंक-फूंक कर बयान दे रहे हैं। गोरखपुर के जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) रामेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि व्यावसायिक सिलेंडरों पर रोक की लिखित पुष्ट सूचना अभी तक कंपनियों से प्राप्त नहीं हुई है।
हालांकि, मंगलवार को पेट्रोलियम कंपनियों और गैस एजेंसी संचालकों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में गैस के मौजूदा स्टॉक, राशनिंग की स्थिति और आपूर्ति में आ रही संभावित खामियों की गहन समीक्षा की जाएगी, ताकि आम जनता को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।






