
Child Labour: मासूम कंधों पर जब सपनों की जगह जिम्मेदारियों का बोझ लाद दिया जाता है, तो बचपन सिसकने लगता है। नवगछिया में एक बार फिर ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां जिला स्तरीय धावा दल ने जीरो माइल चौक स्थित मिठाई की दुकानों पर छापेमारी कर तीन बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। यह कार्रवाई 11 मार्च 2026 को की गई, जब अधिकारियों की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर जीरो माइल चौक पर धावा बोला। टीम ने बाबा विश्वनाथ मिष्ठान भंडार से दो बच्चों, हिटलर कुमार और दिलवर कुमार, को विमुक्त कराया। इसके ठीक बगल में स्थित जगदम्बा मिष्ठान से भी एक और बाल श्रमिक गोलू कुमार को मुक्त कराया गया। इन बच्चों से दुकानों में काम कराकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था, और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Child Labour के खिलाफ जिला स्तरीय धावा दल की बड़ी कार्रवाई
इस महत्वपूर्ण धावादल का नेतृत्व श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, नवगछिया, श्रीमती अनिता कुमारी कर रही थीं। उनकी टीम में रंगरा चौक के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी श्री राजेश कुमार सिन्हा, खरीक से श्री परितोष कुमार सिंह, नारायणपुर से श्री प्रभाशीष और बिहपुर से श्री मनोहर कुमार शामिल थे। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए नवगछिया थाना के पुलिस बल भी मौके पर मुस्तैद रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। अधिकारियों ने बताया कि मुक्त कराए गए तीनों बच्चों को नियमानुसार बाल कल्याण समिति, भागलपुर को सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उनकी देखभाल और आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है।
बाल श्रम कराना कानूनी अपराध
धावा दल के सदस्यों ने आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों को जागरूक करते हुए स्पष्ट किया कि बाल श्रम एक गंभीर सामाजिक अपराध है और कानूनन दंडनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों से काम कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि बच्चों के अधिकारों का हनन रोका जा सके। यह समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम बाल श्रम को जड़ से खत्म करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




