
Adani Power Plant: विकास की गाड़ी जब दौड़ती है, तो जमीन की जरूरत सबसे पहले पड़ती है। भागलपुर के पीरपैंती में प्रस्तावित इसी विकास को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और रैयतों के बीच सीधी बात हुई, जहां परियोजना के लिए 146 एकड़ जमीन के अधिग्रहण पर चर्चा की गई। पीरपैंती प्रखंड परिसर में आयोजित इस सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (SIA) जनसुनवाई में प्रस्तावित पावर प्लांट के रेल कॉरिडोर और सड़क निर्माण परियोजना को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।
Adani Power Plant परियोजना पर अधिकारियों ने क्या कहा?
जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और एसआईए की टीम ने रैयतों से सीधा संवाद स्थापित किया। मौके पर मौजूद अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी विक्रम भास्कर झा, बीडीओ अभिमन्यु कुमार, और बीएसपीजीसीएल के अधिकारी शशिकांत कुमार व दीपक कुमार ने रैयतों को भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया, मुआवजे की राशि और परियोजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, कानून के दायरे में होगी और प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। एसआईए रिसर्च संस्थान के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर मसखूर हुसैन ने परियोजना के सामाजिक प्रभावों पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की।

जनसुनवाई के दौरान रैयतों ने भी अपनी शंकाएं और सुझाव खुलकर समिति के सामने रखे। समिति के सदस्यों ने पूरी गंभीरता से उनके सवालों का जवाब दिया और उनकी चिंताओं को दूर करने का प्रयास किया। इस संवाद से कई मुद्दों पर स्पष्टता बनी और रैयतों को परियोजना के लाभ के बारे में भी बताया गया। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पारदर्शी हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
169 रैयतों की जमीन का होगा अधिग्रहण
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पावर प्लांट के लिए प्रस्तावित रेल कॉरिडोर और सड़क निर्माण के लिए लगभग 146 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इस अधिग्रहण प्रक्रिया से कुल 169 रैयत सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह जमीन हरिणकोल, बंधु जयराम, बसंतपुर और नगर पंचायत पीरपैंती के क्षेत्र में आती है। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी रैयत के साथ अन्याय नहीं होगा।
इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में हरिणकोल के रैयत वीरेंद्र सिंह, मुन्ना सिंह, बसंतपुर के अजय सिंह, कुंजवन्ना के जयंत सिंह, बलवंत सिंह, पंकज सिंह, हीरानंद के कांतेश कुंवर, और बंधुजयराम पंचायत के प्रभु यादव समेत बड़ी संख्या में प्रभावित रैयत मौजूद रहे। इसके अलावा, हरिणकोल के सरपंच वरुण गोस्वामी सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी इस प्रक्रिया का हिस्सा बने ताकि उनके क्षेत्र के लोगों के हितों की रक्षा हो सके।






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