
LNMU Exam: परीक्षा की घंटी बज चुकी है और भविष्य की नींव रखी जा रही है, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में लगभग 1.62 लाख छात्र-छात्राएं अपने सपनों को कलमबद्ध कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस विशाल आयोजन के लिए कमर कस ली है और कुलपति के दिशा-निर्देश में शांतिपूर्ण परीक्षा संपन्न कराने हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त LNMU Exam पहली प्राथमिकता
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी के स्पष्ट निर्देशों के तहत विश्वविद्यालय के चारों जिलों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2025-29) की परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि परीक्षा पूरी तरह से शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त माहौल में संपन्न हो। इसके लिए सभी केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परीक्षा नियंत्रक डॉ. मोहम्मद इंसान अली ने बताया कि कुलपति स्वयं परीक्षा की व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।
कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय के लिए हो रही इस परीक्षा में लगभग 1,62,000 परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जो एक बड़ी संख्या है। इस विशाल स्नातक परीक्षा को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए विश्वविद्यालय ने एक व्यापक योजना तैयार की है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले चार जिलों- दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और बेगूसराय में कुल 56 केंद्र बनाए गए हैं, ताकि छात्रों को परीक्षा देने में कोई असुविधा न हो।
चार जिलों में बनाए गए 56 परीक्षा केंद्र
विश्वविद्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्रों का बंटवारा जिलों के हिसाब से किया गया है। दरभंगा जिले में सबसे अधिक 17 केंद्र हैं, जबकि मधुबनी में 14 केंद्र बनाए गए हैं। इसी तरह, समस्तीपुर जिले में 17 और बेगूसराय में 8 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इन सभी केंद्रों पर सुचारू रूप से परीक्षा के संचालन के लिए केंद्राधीक्षक के रूप में संबंधित कॉलेज के प्रधानाचार्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनकी सहायता के लिए कॉलेज के परीक्षा नियंत्रक और विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त स्थायी पर्यवेक्षक भी पूरी सक्रियता से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
यह परीक्षा 11 मार्च से शुरू हुई है और विश्वविद्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार यह 01 अप्रैल, 2026 तक चलेगी। परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए त्रि-स्तरीय निगरानी व्यवस्था काम कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
हर केंद्र पर सख्त निगरानी
परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सख्त नियम लागू किए गए हैं। किसी भी परीक्षार्थी को इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं है। विश्वविद्यालय के उड़नदस्ता दल भी विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी को तुरंत रोका जा सके। विश्वविद्यालय का लक्ष्य न केवल समय पर परीक्षा संपन्न कराना है, बल्कि एक ऐसा मानक स्थापित करना है जहां प्रतिभा को सही और निष्पक्ष अवसर मिल सके।




