
Middle East Flights: आसमान में छाये तनाव के बादल, धरती पर बढ़ती बेचैनी के बीच भारतीय विमानन कंपनियों ने हिम्मत नहीं हारी है। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, उन्होंने मुश्किल हालात में भी उड़ानें जारी रखने का फैसला किया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनैतिक तनाव के बावजूद, एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने क्षेत्र के लिए अपनी सेवाएं जारी रखने का दृढ़ संकल्प दिखाया है। रविवार, 15 मार्च को दोनों एयरलाइंस कुल 72 उड़ानें संचालित करने के लिए तैयार हैं, जिनमें निर्धारित और विशेष आवश्यकता वाली उड़ानें शामिल हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जेद्दा और मस्कट जैसे महत्वपूर्ण गंतव्यों के लिए उनकी सेवाएं पहले की तरह चलती रहेंगी।
Middle East Flights: किन शहरों के लिए मिलेंगी उड़ानें?
एअर इंडिया दिल्ली और मुंबई से जेद्दा के लिए सीधी उड़ानें संचालित करेगी, जबकि एअर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु और कोझिकोड से जेद्दा के लिए कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। मस्कट के लिए भी यात्रियों को दिल्ली, कोच्चि, कोझिकोड, मंगलुरु, मुंबई और तिरुवनंतपुरम से कुल 12 उड़ानें उपलब्ध होंगी। इसके अतिरिक्त, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के लिए 52 अतिरिक्त उड़ानें चलाने की योजना है, जो वहां के मौजूदा हालात और हवाई अड्डों पर मिलने वाले स्लॉट पर निर्भर करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रियों को कोई असुविधा न हो।
एयरलाइंस समूह ने बताया है कि इन सभी उड़ानों को भारत और संबंधित देशों के नियामक प्राधिकरणों से आवश्यक अनुमतियां मिलने के बाद ही संचालित किया जा रहा है। एअर इंडिया समूह पश्चिमी एशिया के लिए और अधिक उड़ानें बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि आपातकालीन स्थिति में भी हवाई यात्रा सुगम बनी रहे और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
बढ़ते ईंधन की कीमतों का हवाई यात्रा पर असर
मिडिल ईस्ट में उत्पन्न हुई स्थिति के कारण विमान ईंधन की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस वृद्धि का सीधा असर अब हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर भी पड़ने लगा है। एअर इंडिया और इंडिगो के बाद, अब ‘अकासा एयर’ ने भी अपनी उड़ानों पर ‘फ्यूल सरचार्ज’ लगाना शुरू कर दिया है। इसका स्पष्ट अर्थ है कि आने वाले दिनों में हवाई टिकटों के दाम और बढ़ सकते हैं, जिससे यात्रियों को अधिक भुगतान करना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको हर पल अपडेट रखता है। यह एक वैश्विक चुनौती है जिसका सामना विमानन उद्योग कर रहा है।


