back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 15, 2026
spot_img

Pradosh Vrat 2026: जानिए प्रदोष व्रत की संपूर्ण पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

spot_img
- Advertisement -

Pradosh Vrat 2026: सनातन धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत शुभ और फलदायी व्रत माना जाता है। जब यह व्रत सोमवार के दिन पड़ता है, तो इसे सोम प्रदोष व्रत कहते हैं, जिसका महत्व और भी बढ़ जाता है। आगामी 16 मार्च 2026 को सोम प्रदोष व्रत का पावन संयोग बन रहा है। यदि आप इस व्रत को पहली बार करने जा रही हैं या भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त करना चाहती हैं, तो यह आवश्यक है कि आप संपूर्ण पूजा विधि और आवश्यक सामग्री के बारे में विस्तार से जान लें। इससे आपकी पूजा निर्विघ्न रूप से संपन्न होगी और आपको महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

- Advertisement -

Pradosh Vrat 2026: जानिए प्रदोष व्रत की संपूर्ण पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

Pradosh Vrat 2026: पूजन सामग्री की विस्तृत सूची

शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव अपने कैलाश पर्वत पर आनंद तांडव करते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस दिन विधि-विधान से की गई शिव पूजा अनंत फल प्रदान करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पवित्र अवसर पर भगवान शंकर की आराधना से सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

- Advertisement -

प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष आराधना की जाती है। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को पड़ता है, और संध्याकाल को प्रदोष काल कहा जाता है, जो पूजा के लिए सर्वोत्तम समय होता है। इस व्रत को करने से चंद्र दोष, पितृ दोष और अन्य कई प्रकार के ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Pradosh Vrat 2026: महादेव की कृपा पाने का दिव्य संयोग

**पूजन सामग्री:**
* पुष्प (सफेद, लाल)
* धूप, दीप, अगरबत्ती
* बेलपत्र
* धतूरा, भांग
* शमी पत्र
* सफेद चंदन
* गंगाजल
* कच्चा दूध
* दही, घी, शहद, शकर (पंचामृत हेतु)
* जनेऊ
* अक्षत (बिना टूटे चावल)
* वस्त्र (भगवान शिव और माता पार्वती के लिए)
* फल
* मिठाई (विशेषकर खीर या मालपुआ)
* पान, सुपारी
* लौंग, इलायची
* पुष्पमाला
* दक्षिणा
* आसन
* कलश

**सोम प्रदोष व्रत की सरल पूजा विधि:**
* सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
* घर के मंदिर की साफ-सफाई करें और भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी और कार्तिकेय जी को गंगाजल से शुद्ध करें।
* हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें।
* पूरे दिन निराहार या फलाहार रहकर भगवान शिव का स्मरण करें।
* संध्याकाल (प्रदोष काल) में पुनः स्नान करें।
* एक साफ चौकी पर शिव परिवार की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
* दीपक जलाएं और धूप, दीप प्रज्वलित करें।
* सबसे पहले गणेश जी का पूजन करें।
* भगवान शिव को पंचामृत से स्नान कराएं (दूध, दही, घी, शहद, शकर)।
* इसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराएं।
* भगवान शिव को चंदन का लेप लगाएं, बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, सफेद पुष्प और अक्षत अर्पित करें।
* माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री और लाल पुष्प अर्पित करें।
* जनेऊ और वस्त्र अर्पित करें।
* फल, मिठाई, पान, सुपारी, लौंग, इलायची और दक्षिणा चढ़ाएं।
* भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें।
* प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें या श्रवण करें।
* अंत में भगवान शिव की आरती करें और परिवार सहित प्रसाद ग्रहण करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

**प्रदोष व्रत 2026 (सोम प्रदोष) शुभ मुहूर्त:**
| तिथि | विवरण |
| :————- | :———————– |
| व्रत का दिन | सोमवार, 16 मार्च 2026 |
| त्रयोदशी तिथि आरंभ | 16 मार्च 2026, शाम 04:30 बजे |
| त्रयोदशी तिथि समाप्त | 17 मार्च 2026, शाम 04:00 बजे |
| प्रदोष काल | 16 मार्च 2026, शाम 06:15 बजे से रात 08:30 बजे तक |
| पूजा का सर्वोत्तम समय | 16 मार्च 2026, शाम 06:15 बजे से रात 08:30 बजे तक |

प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है क्योंकि इस दिन भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में होते हैं और अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाते हैं। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और सच्चे मन से शिव पूजा करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। संतान प्राप्ति, रोगों से मुक्ति और आर्थिक समृद्धि के लिए भी यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

यह भी पढ़ें:  Hindu New Year: हिंदू नववर्ष 2026 पर प्रकृति और मानव जीवन एक साथ... जानिए नीम सेवन का अलौकिक महत्व और आध्यात्मिक लाभ

भगवान शिव की आराधना करते समय इस मंत्र का जाप अत्यंत कल्याणकारी होता है:

ॐ नमः शिवाय।

या

महामृत्युंजय मंत्र: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

इस प्रकार, 16 मार्च 2026 को पड़ने वाले सोम प्रदोष व्रत पर विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा कर आप उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। व्रत के दिन किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रदोष व्रत के पुण्य से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

यह भी पढ़ें:  Pradosh Vrat: महादेव की कृपा पाने का दिव्य मार्ग - प्रदोष व्रत कथा

धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Kishanganj News: किशनगंज में अंतरराज्यीय Bike Thief Gang का पर्दाफाश, 6 चोरी की बाइकें बरामद, सरगना समेत 4 गिरफ्तार

Bike Thief Gang: कानून के लंबे हाथ आखिरकार उन शातिरों तक पहुंच ही गए,...

UPSC CMS परीक्षा 2026: सरकारी डॉक्टर बनने का शानदार अवसर

UPSC CMS: सरकारी डॉक्टर बनने का सपना देख रहे मेडिकल स्नातकों के लिए संघ...

Alia Bhatt News: आलिया भट्ट ने 33वें जन्मदिन पर लॉन्च किया ‘ईटर्नल किड्स’, बच्चों के लिए लाएंगी जादुई कहानियां!

Alia Bhatt News: बॉलीवुड की सबसे चहेती और टैलेंटेड एक्ट्रेसेस में से एक, आलिया...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें