अयोध्या। रामनगरी अयोध्या स्थित Shri Ram Janmabhoomi Mandir में विराजमान ब्रह्मांड के स्वामी प्रभु श्री रामलला सरकार का गुरुवार (11 जून 2026) को भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया। प्रतिदिन की भांति आज भी प्रभु श्री रामलला ने अपने भक्तों को मनमोहक स्वरूप में दर्शन दिए। सुबह की मंगल आरती और श्रृंगार के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रामलला के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
रामलला की दैनिक पूजा-अर्चना प्रातःकाल भगवान को जगाने से शुरू होती है। इसके बाद विधि-विधान से स्नान, लेप, वस्त्र धारण और अलंकरण की प्रक्रिया संपन्न की जाती है। मौसम के अनुसार भगवान को विशेष वस्त्र पहनाए जाते हैं। गर्मी के दिनों में उन्हें सूती और हल्के वस्त्र धारण कराए जाते हैं, जिससे उनका श्रृंगार और भी आकर्षक दिखाई देता है।
सुबह 6:30 बजे हुई पहली आरती
रामलला की पहली आरती सुबह 6:30 बजे होती है। इस दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठता है। आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था शुरू होती है। भगवान के गले में सुगंधित पुष्पों की विशेष माला सजाई जाती है, जिनमें से कई मालाएं दिल्ली से मंगवाई जाती हैं।
चार बार लगता है भोग
रामलला को प्रतिदिन चार समय भोग अर्पित किया जाता है। दिन के अलग-अलग समय पर अलग-अलग प्रकार के व्यंजन भगवान को समर्पित किए जाते हैं। ये सभी व्यंजन राम मंदिर की रसोई में शुद्धता और परंपरा के अनुसार तैयार किए जाते हैं।
सुबह की शुरुआत बाल भोग से होती है। इसके बाद निर्धारित समय पर अन्य भोग अर्पित किए जाते हैं। दोपहर 12 बजे भोग आरती होती है, जबकि शाम 7:30 बजे संध्या आरती का आयोजन किया जाता है।
रात 8:30 बजे शयन
दैनिक पूजा कार्यक्रम के अंतर्गत रात 8:30 बजे रामलला का शयन कराया जाता है। श्रद्धालु शाम 7:30 बजे तक भगवान के दर्शन कर सकते हैं। इसके बाद मंदिर में शयन आरती और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं।
LIVE: आज सुबह के रामलला दर्शन
अयोध्या धाम में आज प्रातःकाल हुए रामलला सरकार के अलौकिक श्रृंगार और दिव्य दर्शन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भगवान का आकर्षक स्वरूप, पुष्पों से सजा श्रृंगार और भव्य आरती का दृश्य भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।






