
Election Commission News: चुनावी शंखनाद से पहले ही सियासी संग्राम छिड़ गया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मनोज कुमार झा ने चुनाव आयोग की टाइमिंग पर सवाल उठाकर देश की सबसे बड़ी संवैधानिक संस्था पर संदेह के बादल ला दिए हैं।
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ सांसद मनोज कुमार झा ने हाल ही में पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनाव तिथियों की घोषणा के समय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस फैसले से चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर संदेह गहरा गया है। मनोज झा ने यह भी जोड़ा कि वे इस घटनाक्रम से न तो हैरान हैं और न ही आहत, लेकिन उन्हें लगता है कि निर्वाचन आयोग घोषणा करने से पहले थोड़ा इंतजार कर सकता था। उनका इशारा राष्ट्रपति भवन द्वारा हाल ही में घोषित राज्यपालों और उपराज्यपालों के बड़े प्रशासनिक फेरबदल की ओर था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मनोज कुमार झा ने अपनी बात दोहराते हुए कहा, ‘मैं न तो आश्चर्यचकित हूं और न ही आहत। चुनाव आयोग को थोड़ा इंतजार करना चाहिए था। जब आप ऐसा करते हैं, तो संदेह पैदा होता है।’ आरजेडी नेता ने आगे तर्क दिया कि चुनाव तिथियों की घोषणा स्वयं मुख्य मुद्दा नहीं है, बल्कि चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार संवैधानिक निकाय की निष्पक्षता की धारणा से संबंधित है। झा ने कहा कि पांच राज्यों के लिए तिथियों की घोषणा हो चुकी है, लेकिन यह महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता कब पुनः प्राप्त करेगा।
Election Commission News: आरजेडी सांसद ने उठाए गंभीर सवाल
देशभर की निगाहें उस समय चुनाव आयोग पर टिकी थीं, जब उसने हाल ही में पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों का विस्तृत कार्यक्रम घोषित किया। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, केरल, असम, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल से शुरू होंगे। असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान एक ही चरण में 9 अप्रैल को संपन्न होगा। पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में होंगे, पहला चरण 23 अप्रैल को और दूसरा चरण 29 अप्रैल को। तमिलनाडु में भी चुनाव 23 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे। इन सभी पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वोटों की गिनती 4 मई को एक साथ की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने इन विधानसभा चुनावों को ‘गर्व का त्योहार’ बताया। उन्होंने पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं से इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
संवैधानिक संस्था की भूमिका पर बहस
मनोज झा के बयान ने देश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, जहां चुनाव आयोग की टाइमिंग और उसकी स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आरोप लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर जनता के विश्वास को कमजोर कर सकते हैं, इसलिए आयोग को अपनी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे।


