
जमीन विवाद का मसला कई बार खूनी संघर्ष का रूप ले लेता है। ऐसा ही एक मामला घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर रसियारी गांव से सामने आया है, जहां खतियानी जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में एक युवक पर फरसा और डंडे से हमला कर उसे अधमरा कर दिया गया। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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शंकरपुर में जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष का कारण
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शंकरपुर निवासी घनश्याम कुमार, पिता शिवशंकर कामत ने घनश्यामपुर थाना में दिए अपने आवेदन में बताया कि उनके पूर्वजों के नाम से करीब 37 डिसमिल खतियानी जमीन है। आरोप है कि गांव के ही महावीर कामत, उनकी पत्नी अनिता देवी और पुत्री अर्चना कुमारी पहले से ही आधे हिस्से में घर बना चुके हैं। अब वे शेष जमीन पर भी कब्जा करने की नीयत से मिट्टी भराई करवा रहे थे। घनश्याम कुमार ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए और मारपीट शुरू कर दी।
पीड़ित ने इस संबंध में अंचल कार्यालय में भी आवेदन दिया था, जहां सरकारी अमीन द्वारा 19 मार्च को जमीन की मापी की तिथि निर्धारित की गई थी। इसके बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आए और 13 मार्च की शाम करीब चार बजे फिर से गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया।
फरसा-डंडे से हमला, युवक गंभीर रूप से घायल
घायल पीड़ित घनश्याम कुमार के अनुसार, आरोपियों ने उस पर फरसा और डंडे से जानलेवा हमला किया। आरोप है कि महावीर कामत ने फरसा से सीधे उनके सिर पर वार किया, जिससे उनका सिर बुरी तरह फट गया और खून बहने लगा। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर उनकी जान बचाई। आनन-फानन में 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई।
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पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच जारी
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल घनश्याम कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घनश्यामपुर में इलाज के लिए भर्ती कराया। थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि पीड़ित के आवेदन के आधार पर महावीर कामत, अनिता देवी और अर्चना कुमारी के खिलाफ भारतीय दंड विधान की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून को हाथ में लेने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। इस प्रकार के भूमि संबंधी विवादों को सुलझाने के लिए सरकारी तंत्र का सहारा लेना चाहिए।
कानूनी सलाह और समाधान
जमीन विवाद एक संवेदनशील मामला है और इसे सुलझाने के लिए धैर्य और कानूनी प्रक्रिया का पालन करना महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में, दोनों पक्षों को शांत रहकर संबंधित सरकारी विभागों से संपर्क करना चाहिए। यदि विवाद बढ़ता है, तो स्थानीय पुलिस या न्यायालय का दरवाजा खटखटाना उचित होता है। इस मामले में, पीड़ित द्वारा अंचल कार्यालय में आवेदन देना और पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराना सही कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







