
Darbhanga Lakes: दरभंगा के तालाबों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शहर की ऐतिहासिक हराही, दिग्घी और गंगासागर झीलों को ‘सौंदर्यीकरण’ के नाम पर मिट्टी से भरने और विनाशकारी निर्माण की आशंका ने लोगों में आक्रोश भर दिया है। इसी के विरोध में ‘तालाब बचाओ अभियान’ ने आज हराही झील के पश्चिमी भिंडा पर एक दिवसीय धरना दिया और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की।
विरोध का कारण: क्यों लामबंद हुए लोग?
तालाब बचाओ अभियान के संयोजक नारायण जी चौधरी ने देशज टाइम्स को बताया, बुडको द्वारा झीलों में की जा रही कथित विनाशकारी गतिविधियों का पांच मुख्य कारणों से विरोध कर रहा है। इनमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के ओए न. 155/2022 में 23 मार्च 2023 को दिए आदेश का पालन न होना, वेटलैंड्स (संरक्षण और प्रबंधन) रूल्स, 2017 के नियमों और निर्देशों का उल्लंघन तथा ‘इन्डिकेटिव गाइडलाइन्स फॉर रेस्टोरेशन ऑफ़ वाटर बॉडीज’ के निर्देशों की अनदेखी शामिल है।

इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय और पटना उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन न होने और दरभंगा जिला वेटलैंड्स समिति द्वारा बिहार सरकार के 25 जनवरी 2022 के नोटिफिकेशन 41 की उपेक्षा भी विरोध के प्रमुख कारण हैं। अभियान का कहना है कि इन कार्यों से क्षेत्र में वेटलैंड संरक्षण के प्रयासों को बड़ा झटका लगेगा।
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अभियान की मुख्य मांगें: क्या चाहती है जनता?
धरना कार्यक्रम में जिला प्रशासन और राज्य सरकार से छह सूत्री मांगें रखी गईं:
- तीनों झीलों (हराही, दिग्घी और गंगासागर) का सीमांकन आर.सी.सी. पिलर गाड़कर किया जाए।
- सीमांकन के बाद, इन झीलों की विभिन्न संरचनाओं के रकबा की जानकारी बड़े बोर्ड लगाकर सार्वजनिक की जाए।
- तीनों झीलों को सरकारी और व्यक्तिगत अतिक्रमण से मुक्त किया जाए।
- झीलों से पूरी गाद (मिट्टी) को निकाला जाए।
- वर्षा जल संचयन के लिए इनके इनलेट, आउटलेट और कैचमेंट एरिया का सीमांकन करके उन्हें अतिक्रमणमुक्त किया जाए।
- इन झीलों का जीर्णोद्धार, संरक्षण और प्रबंधन वेटलैंड्स रूल्स, 2017 और इंडिकेटिव गाइडलाइन्स के अनुरूप किया जाए, जो वेटलैंड संरक्षण के लिए अनिवार्य है।
Darbhanga Lakes: अतिक्रमण और सरकारी उदासीनता के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
प्रोफेसर विद्यानाथ झा, प्रोफेसर शारदा नन्द चौधरी, इंदिरा कुमारी, अजीत कुमार मिश्र, उमेश रॉय और अभिषेक कुमार सहित कई वक्ताओं ने अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आश्चर्य जताया कि ‘तालाब बचाओ अभियान’ 2014 से Darbhanga Lakes के सीमांकन की मांग कर रहा है, लेकिन पिछले 13 वर्षों से जिला प्रशासन बहानेबाजी करके अतिक्रमणकारियों को अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर रहा है। आज के धरने को दिलीप कुमार, जय शंकर, विजय, मो. इमरान, सुमन कुमार, अबुल कैश नैयर, चन्दन कुमार, बिनोद यादव, ललित कुमार झा, राजीव झा, संतोष कुमार, जीवन राम और जीवन मुखिया जैसे कई लोगों ने संबोधित किया। तसिम नवाब ने धन्यवाद ज्ञापन किया। नारायण जी चौधरी इस अभियान के संयोजक हैं।
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7 मई को जन-आक्रोश रैली: आगे की रणनीति
इस आंदोलन को और तेज करने के लिए 7 मई 2026 को एक विशाल जन-आक्रोश रैली का आयोजन किया जाएगा। यह रैली गंगासागर झील से शुरू होकर धरना स्थल लहेरियासराय तक जाएगी और जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपेगी। डॉ अमर जी कुमार, अभिषेक कुमार, दिलीप कुमार, डॉ विजय कुमार, प्रकाश बंधू और अविनाश भास्कर के नेतृत्व में एक विशेष युवा समिति का गठन किया गया है, ताकि इस जन-आक्रोश रैली को सफल और प्रभावशाली बनाया जा सके।








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