
Bihar Rajya Sabha Election: सियासत की बिसात पर मोहरों का खेल कभी सीधा नहीं होता, खासकर जब बात उच्च सदन की कुर्सी की हो। बिहार की सियासी सरगर्मी ने एक बार फिर दिखाया कि किंगमेकर कौन है और कौन सिर्फ़ मोहरा। बिहार राज्यसभा चुनाव में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने अपनी ताकत का लोहा मनवाते हुए सभी पांचों सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। मतगणना केंद्र से आ रही ख़बरों के अनुसार, गठबंधन के सभी उम्मीदवारों को सफलता मिली है, हालांकि इसकी आधिकारिक अधिसूचना दिल्ली स्थित चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद ही जारी की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एनडीए के पांचों उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। इनमें शिवेश कुमार ने द्वितीय वरीयता के वोटों के आधार पर अंतिम सीट जीती है, जिससे एनडीए की क्लीन स्वीप सुनिश्चित हो गई है। यह नतीजा बिहार की राजनीति में एनडीए के बढ़ते प्रभाव को और मजबूत करता है।
Bihar Rajya Sabha Election: NDA उम्मीदवारों ने ऐसे हासिल की जीत
राज्यसभा चुनाव के परिणामों के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि एनडीए उम्मीदवारों ने प्रथम वरीयता के आधार पर निर्णायक बढ़त बनाई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्राप्त वोटों का विवरण इस प्रकार है:
- नीतीश कुमार – 44 वोट
- नितिन नबीन – 44 वोट
- रामनाथ ठाकुर – 42 वोट
- उपेंद्र कुशवाहा – 42 वोट
- शिवेश राम – 30 वोट
पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम ने प्रथम वरीयता में कम वोट मिलने के बावजूद द्वितीय वरीयता के आधार पर अपनी सीट सुनिश्चित की, जो गठबंधन की रणनीति और एकजुटता को दर्शाता है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और आरोपों का दौर
वहीं, इस चुनावी परिणाम पर विपक्ष के नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वोटों की गिनती में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके उम्मीदवार को 37 वोट मिले हैं, जबकि भाजपा के पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम को केवल 30 वोट प्राप्त हुए हैं। तेजस्वी यादव ने वोटों की दोबारा गिनती की मांग करते हुए निष्पक्षता पर जोर दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सत्ताधारी पार्टी वोटों की दोबारा गिनती करवा रही है, तो इसका स्पष्ट अर्थ है कि वे हार चुके हैं और अब जबरदस्ती जीत हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने भाजपा पर बेईमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह उनकी आदत में शुमार है।
यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर बिहार की राजनीतिक फिजां में गरमाहट बनाए हुए है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग इस पर क्या रुख अपनाता है।
अन्य राज्यों में राज्यसभा चुनाव: हरियाणा में मतगणना स्थगित
इस बीच, बिहार से इतर राज्यसभा चुनाव के एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, हरियाणा में मतगणना को मतदान की गोपनीयता पर आपत्ति के चलते स्थगित कर दिया गया है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक अशोक अरोरा ने बताया कि कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों द्वारा उठाई गई आपत्तियों का चुनाव आयोग ने अभी तक समाधान नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन आपत्तियों के समाधान के बाद ही मतगणना प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। आयोग ही यह तय करेगा कि मतगणना कब से शुरू होगी। क्रॉस-वोटिंग की खबरों के संबंध में अरोरा ने कहा कि ऐसी बातों की पुष्टि केवल अधिकृत मतदान एजेंट या स्वयं विधायक ही कर सकते हैं, और उन्हें अब तक ऐसी कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है।


