
Darbhanga Road Accident: ज़िंदगी एक उम्मीद की तरह होती है, जो कभी भी अचानक थम सकती है। मंगलवार की शाम दरभंगा की सड़कों पर रफ्तार का ऐसा ही कहर बरपा, जिसने एक परिवार के चिराग को बुझा दिया।
Darbhanga Road Accident: क्या हुआ उस मनहूस शाम?
दरभंगा के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र अंतर्गत महिंद्रा शोरूम के पास मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे दरभंगा-मुजफ्फरपुर पथ पर एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक सवार शिक्षक को रौंदते हुए लगभग सौ मीटर दूर तक घसीटा। यह भयावह दृश्य देखकर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सड़क पर अन्य वाहनों को खड़ा कर कंटेनर को रोका और कंटेनर में फंसे शिक्षक को किसी तरह बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उनकी जेब से मिले आधार कार्ड और अन्य कागजातों से उनकी पहचान समस्तीपुर जिले के भगवानपुर पूसा रोड निवासी स्वर्गीय हरिलाल साह के पुत्र कृष्ण कुमार साह (50) के रूप में हुई। वे दरभंगा के सदर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय कांकडघाटी में कार्यरत थे।
ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर कंटेनर चालक को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची मब्बी और विश्वविद्यालय थाने की पुलिस ने भीड़ को समझा-बुझाकर चालक को हिरासत में लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और कंटेनर को जब्त कर लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। इस दुखद हादसे की सूचना मिलते ही कृष्ण कुमार साह के परिजन डीएमसीएच पहुंचे, जहां का माहौल गमगीन हो गया।
कृष्ण कुमार साह अपने परिवार के साथ शिवधारा मोहल्ले में एक किराए के मकान में रहते थे। उनकी पत्नी मीरा कुमारी मध्य विद्यालय, हनुमाननगर में शिक्षिका हैं, जबकि छोटा पुत्र मृणाल कुमार सिंहवाड़ा के प्लस टू स्कूल में शिक्षक है। उनका बड़ा पुत्र पटना में रहकर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। उनके ससुर जगन्नाथ साह और सास सरोज गुप्ता डीएमसीएच के सेवानिवृत्त कर्मी हैं। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा के गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
चश्मदीदों की जुबानी, खौफनाक मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शिक्षक कृष्ण कुमार साह अपनी बाइक से दिल्ली मोड़ से आगे बढ़े ही थे। पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर मब्बी की ओर बढ़ रहा था। महिंद्रा शोरूम के पास कंटेनर ने उनकी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास खड़े लोगों ने कंटेनर को अपनी आंखों से बाइक घसीटते हुए देखा। पीछे से कुछ लोगों ने कंटेनर का पीछा कर उसे रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन कंटेनर में सवार चालक गाड़ी को तेज रफ्तार में भगाता रहा। इसी बीच, लोगों ने आगे से दूसरे वाहन को खड़ा कर कंटेनर को रोकने में सफलता पाई।
इस दर्दनाक हादसे के बाद दरभंगा-मुजफ्फरपुर फोरलेन पर कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। दोनों ओर से गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात व्यवस्था करीब एक घंटे तक बेपटरी रही। पुलिस को यातायात बहाल करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस प्रशासन की यह जिम्मेदारी है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको हर पल की खबर देता है। विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि कंटेनर और बाइक को जब्त कर लिया गया है और चालक से पूछताछ की जा रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



