
शोध प्रविधि कार्यशाला: मिथिला विश्वविद्यालय में ज्ञान की गंगा बही है! ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के गृह विज्ञान विभाग ने छात्रों के लिए एक दिवसीय ‘शोध प्रविधि’ ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें शोध के गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में समझाया गया।
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के विश्वविद्यालय गृह विज्ञान विभाग द्वारा 4 मई 2026 को “शोध प्रविधि” विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। Google Meet के माध्यम से आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ दिव्या रानी हांसदा ने की। इसमें पं. दीनदयाल उपाध्याय गर्ल्स डिग्री कॉलेज, सेवापुरी, वाराणसी की सहायक प्राचार्य डॉ सुधा तिवारी ने मुख्य वक्ता के रूप में अपनी विशेषज्ञता साझा की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

शोध प्रविधि कार्यशाला: शोध के मूल मंत्र और महत्वपूर्ण बातें
डॉ सुधा तिवारी ने शोध समस्या का चयन, परिकल्पना निर्माण, शोध प्रारूप, आंकड़ों का संकलन एवं विश्लेषण तथा शोध रिपोर्ट लेखन की प्रक्रिया को अत्यंत सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए जिज्ञासा, धैर्य और नैतिकता तीन मूल आधार हैं, और साहित्य पुनरावलोकन के बिना कोई भी शोध अधूरा है।
इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन कार्यशाला का सफल संचालन विभाग की संकाय सदस्य डॉ प्रगति ने किया। अंत में डॉ प्राची मरवाहा ने मुख्य वक्ता, अध्यक्ष एवं सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। विभाग की वरिष्ठ संकाय सदस्य उषा झा, प्रीति पीटर, सुषमा गुप्ता, गैर-शैक्षणिक कर्मचारीगण एवं एम.ए. द्वितीय व चतुर्थ सेमेस्टर के लगभग 100 विद्यार्थी ऑनलाइन उपस्थित रहे, जिन्होंने इस कार्यशाला का लाभ उठाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
शोध ही है किसी भी विषय की आत्मा
अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ दिव्या रानी हांसदा ने जोर देकर कहा कि ‘शोध ही किसी भी विषय की आत्मा है।’ उन्होंने बताया कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को सामाजिक समस्याओं का वैज्ञानिक समाधान खोजने हेतु प्रेरित करती हैं और ‘शोध प्रविधि’ को समझने में उनकी मदद करती हैं। यह कार्यशाला विद्यार्थियों के लिए काफी ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई।








You must be logged in to post a comment.