
Darbhanga AIIMS: मिथिला के स्वास्थ्य सपनों को अब नए पंख लगने वाले हैं। केंद्र सरकार ने उम्मीदों के आसमान में 700 करोड़ की नई उड़ान भर दी है, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अब तूफानी गति मिलेगी।
Darbhanga AIIMS: निर्माण को क्यों मिलेगी नई रफ़्तार?
केंद्र सरकार ने बिहार के मिथिला, कोशी और तिरहुत क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट, दरभंगा एम्स के निर्माण के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने 1264 करोड़ रुपये की पूर्व स्वीकृत राशि के अलावा 700 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड को भी मंजूरी दे दी है। यह फैसला 25 मार्च को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जिसकी जानकारी केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को लोकसभा में दी। स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए इसे मिथिला के लिए एक ऐतिहासिक सौगात बताया है। इस अतिरिक्त राशि से निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को दूर कर इसे समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
इस परियोजना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एम्स के मुख्य भवन का निर्माण पाइलिंग सिस्टम तकनीक से किया जाएगा, जिसका डिजाइन एक प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) द्वारा तैयार किया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके साथ ही, 37.82 करोड़ रुपये की लागत से 5.3 किलोमीटर लंबी चारदीवारी का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है, जिसे समय पर पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी इस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में?
यह एम्स सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि उत्तर बिहार, नेपाल के 14 जिलों और पूर्वोत्तर राज्यों के लगभग 15 करोड़ लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है। इसके पूरा हो जाने पर लोगों को इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस 750 बेड वाले सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में मरीजों के लिए विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अस्पताल की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:
- आईपीडी के लिए 90 बेड
- आईसीयू के 25 और सीसीयू के 30 बेड
- 20 अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर
- 15 सुपर स्पेशलिटी और 12 स्पेशलिटी विभाग
- प्रतिदिन 2500 मरीजों को देखने की ओपीडी क्षमता
- एमबीबीएस की 125 स्वीकृत सीटें, जिनमें पहले सत्र में 50 सीटों पर पढ़ाई शुरू होगी
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केंद्र और राज्य का साझा प्रयास
दरभंगा एम्स का निर्माण केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार की मिथिला के प्रति विकास की प्रतिबद्धता का सबसे बड़ा उदाहरण है। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं इस परियोजना का भूमि पूजन किया था। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 17 फरवरी 2026 को उन्होंने व्यक्तिगत रूप से स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलकर निर्माण में तेजी लाने का आग्रह किया था, और यह अतिरिक्त राशि उसी मुलाकात का सुखद परिणाम है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने इस विशाल परियोजना के लिए 183 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई है, जिसमें से 93 एकड़ भूमि पर मुख्य भवन और अन्य आधारभूत संरचनाओं का निर्माण किया जाना है। केंद्र और राज्य दोनों सरकारें इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए पूरी तरह गंभीर हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह मिथिला के लिए आजादी के बाद केंद्र सरकार का सबसे बड़ा तोहफा है।







