spot_img

Bihar Bomb Threat: बिहार समेत देशभर में 1100 से भी अधिक कोर्ट-एयरपोर्ट उड़ाने की धमकी देने वाला मैसूर से गिरफ्तार, दिल्ली साइबर पुलिस ने दबोचा, पढ़िए VPN और पहचान गायब!

spot_img
- Advertisement -

Bihar Bomb Threat: एक सनकी ने डिजिटल दुनिया का बनाया हथियार, न्यायपालिका को दी धमकियों की सौगात। अब कानून का शिकंजा कस चुका है, और अपराधी सलाखों के पीछे है।

- Advertisement -

दिल्ली साइबर पुलिस ने कर्नाटक के मैसूर से आरोपी श्रीनिवास लुईस को दबोच लिया है। यह वही शख्स है जिसने बिहार-झारखंड की अदालतों, एयरपोर्ट और अन्य संवेदनशील ठिकानों को बम से उड़ाने की लगातार धमकियां भेजकर सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा रखी थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

बिहार बम थ्रेट मामला: श्रीनिवास लुईस की गिरफ्तारी, पटना पुलिस लाएगी ट्रांजिट रिमांड पर

पटना पुलिस अब आरोपी को अपने कब्जे में लेने की तैयारी में है। सिटी एसपी के मुताबिक, जल्द ही एक टीम दिल्ली रवाना होगी और प्रोडक्शन वारंट पर श्रीनिवास को पटना लाया जाएगा। यहां दर्ज विभिन्न मामलों में उससे गहन पूछताछ की जाएगी ताकि पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो सके।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Kangana Ranaut Chirag Paswan: तेजप्रताप यादव का दावा, कंगना रनौत के चक्कर में पड़े हैं चिराग पासवान!

आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल करता था, जिससे उसका आईपी एड्रेस अक्सर किसी विदेशी लोकेशन का प्रतीत होता था। हालांकि, दिल्ली साइबर सेल ने अपनी अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए, डीएनएस लीक और सर्वर डेटा के गहन विश्लेषण के जरिए उसकी असली लोकेशन को ट्रैक कर लिया, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी संभव हो सकी। यह साइबर अपराध को अंजाम देने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी है।

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि श्रीनिवास ने देशभर में 1100 से भी अधिक धमकी भरे ई-मेल भेजे थे। अकेले बिहार में उसके खिलाफ करीब 50 मामले दर्ज हैं। पटना सिविल कोर्ट समेत कई अदालतों को उड़ाने की धमकी से कई बार व्यापक अफरा-तफरी का माहौल बन चुका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

न्यायिक व्यवस्था से नाराज़गी: लॉ ड्रॉपआउट ने क्यों उठाया यह कदम?

47 वर्षीय आरोपी श्रीनिवास लुईस ने कानून की पढ़ाई तो की थी, लेकिन वह अपना फाइनल ईयर पूरा नहीं कर सका। पुलिस के अनुसार, वह न्यायिक व्यवस्था से बेहद नाराज था और ई-मेल के जरिए सिस्टम को बाधित करना चाहता था। वह मैसूर में अपनी मां के साथ रहता था और बेरोजगार था। उसकी इस हरकत ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी थी।

आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत गंभीर मामले दर्ज किए गए हैं। खास तौर पर, साइबर आतंकवाद से जुड़ी धारा 66F के तहत उसे आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। यह मामला दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग कर किस तरह बड़े स्तर पर दहशत फैलाने की कोशिश की जा सकती है।

यह भी पढ़ें:  Darbhanga BIG News: सिंहवाड़ा नगर पंचायत में सड़क अतिक्रमण विवाद में बवाल, महिलाओं ने कपड़े फाड़ी, पुलिस पर हमला, बदसलूकी, 5 गिरफ्तार, पढ़िए लालपुर चौक का फसाद

सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह मामला एक बड़ी चेतावनी जैसा है। इस कार्रवाई से साइबर निगरानी और तकनीकी जांच की अहमियत भी साफ हो गई है। ऐसे में हमें आपको याद दिलाना है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तकनीक और मानवीय सूझबूझ का समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Major Road Accident in Darbhanga: कमतौल में स्कॉर्पियो और बाइक की भीषण टक्कर, दो की दर्दनाक मौत

Major Road Accident in Darbhanga: बिहार के दरभंगा जिले से एक दिल दहला देने...

Bihar News: आंबेडकर हॉस्टल भत्ता: छात्रों के लिए खुशखबरी! दोगुनी हुई मासिक सहायता राशि, 10 हजार विद्यार्थियों को सीधा लाभ

Ambedkar Hostel Allowance: बिहार के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! राज्य...