
Fire Booth: बिहार के ग्रामीण इलाकों में हर साल गर्मी और तेज हवाओं के साथ आग का तांडव शुरू हो जाता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होता है। अब इस भीषण समस्या से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य के सभी गांवों में ‘फायर बूथ’ स्थापित किए जाएंगे, जिससे शहरों से आने वाली दमकलों का इंतजार खत्म होगा और आग पर तुरंत काबू पाया जा सकेगा।
पछुआ हवा और बढ़ती गर्मी के साथ बिहार के ग्रामीण इलाकों में आग लगने की घटनाएं आम बात हैं। अक्सर दमकल की गाड़ियां शहर से चलते-चलते गांव तक पहुँचने में काफी समय लगा देती हैं, जिससे भारी नुकसान होता है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए आपदा प्रबंधन विभाग ने राज्य के सभी गांवों में ‘फायर बूथ’ बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। भागलपुर के एडिशनल कलेक्टर (आपदा प्रबंधन) कुंदन कुमार ने बताया कि अब गांवों में आग बुझाने के लिए शहरों से आने वाली दमकल का इंतजार नहीं करना होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
पंचायत स्तर पर ‘Fire Booth’ से त्वरित राहत
इस योजना के तहत पंचायत स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। फायर बूथ का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में आग लगने पर तुरंत राहत पहुंचाना है। इन बूथों पर आग बुझाने के लिए जरूरी उपकरण जैसे फायर बीटर्स, फायर टैंक, बाल्टी, रस्सी और कुल्हाड़ी का इंतजाम किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस अभियान में गांव के स्थानीय युवाओं को ट्रेनिंग देकर जोड़ा जाएगा, जो इमरजेंसी में प्रशासनिक अधिकारियों की मदद करेंगे और ‘फर्स्ट रिस्पोंडर’ के तौर पर काम करेंगे।
बढ़ते हादसों पर अंकुश लगाने की पहल
आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते छह सालों में आग लगने से होने वाली जनहानि का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में जहां 40 मौतें हुई थीं, वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 143 तक पहुँच गया है। इसी तरह जख्मी होने वालों की संख्या भी 4 से बढ़कर 92 हो गई है। जान-माल के इसी बढ़ते नुकसान को कम करने के लिए विभाग ने सभी जिलों के डीएम को गांवों में ‘फायर बूथ’ स्थापित करने और इसके व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आग से बचाव के लिए सरकार की एडवाइजरी
अगस्त से पहले ही सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। सीओ (CO) को निर्देश दिया गया है कि वे क्षेत्रों में ‘क्या करें क्या न करें’ का प्रचार कराएं। इसमें कुछ मुख्य सावधानियां बताई गई हैं:
- तेज हवा चलने से पहले ही खाना बनाकर आग को पानी से पूरी तरह बुझा दें।
- घर से बाहर जाते समय बिजली का मेन स्विच बंद रखें।
- खलिहान या सूखे घास के पास बीड़ी-सिगरेट पीकर न फेंकें।
- गांवों में जल और बालू की पुख्ता व्यवस्था रखें।







