
Smart Meter: बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है! अब स्मार्ट मीटर इस्तेमाल करने वाले लोग सिर्फ प्रीपेड के बंधन में नहीं रहेंगे। बिजली विभाग ने एक बड़ा बदलाव किया है, जिससे उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड का विकल्प चुन सकते हैं। यह उन लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत है जो लंबे समय से इस बदलाव का इंतजार कर रहे थे।
Smart Meter: अब प्रीपेड या पोस्टपेड, अपनी पसंद का चुनें विकल्प
स्मार्ट मीटर सिस्टम में अब तक प्रीपेड मॉडल अनिवार्य था, जिसका मतलब था कि मोबाइल रिचार्ज की तरह ही बिजली के लिए पहले भुगतान करना होता था। यह कई लोगों के लिए असुविधाजनक था, खासकर उन परिवारों के लिए जहाँ नियमित रिचार्ज मुश्किल होता था। लेकिन, अब बिजली विभाग ने इस नियम में बदलाव कर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अब वे तय कर सकते हैं कि उन्हें प्रीपेड सिस्टम चाहिए या पोस्टपेड। इस फैसले से लाखों लोगों को सीधा फायदा होने की उम्मीद है।
यह स्पष्ट कर दिया गया है कि सभी बिजली उपभोक्ता के लिए स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य रहेगा। पुराने मीटर की जगह अब Smart Meter ही लगेंगे, लेकिन उसका उपयोग कैसे करना है, यह पूरी तरह उपभोक्ता के हाथ में होगा। बिजली दरों पर कोई असर नहीं पड़ेगा; राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा तय की गई दरें, मीटर के प्रकार से प्रभावित नहीं होंगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह सुनिश्चित करता है कि चाहे आप कोई भी विकल्प चुनें, प्रति यूनिट कीमत वही रहेगी।
प्रीपेड सिस्टम के अतिरिक्त फायदे
यदि आप प्रीपेड विकल्प चुनते हैं, तो इसके कुछ अतिरिक्त फायदे भी मिल सकते हैं। यह उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है जो अपने खर्च पर नियंत्रण रखना चाहते हैं:
- मोबाइल ऐप के जरिए रियल टाइम बिजली खपत की जानकारी
- सटीक और पारदर्शी बिलिंग
- ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा
- प्रति यूनिट करीब 25 पैसे तक की छूट
- हर रिचार्ज पर लगभग 3% अतिरिक्त लाभ
- दिन में बिजली इस्तेमाल करने पर 20% तक छूट
प्रीपेड सिस्टम में आपको पहले से रिचार्ज करना होगा और जितना बैलेंस होगा, उतनी ही बिजली इस्तेमाल कर पाएंगे। वहीं, पोस्टपेड सिस्टम में आपको पूरे महीने बिजली इस्तेमाल करने के बाद बिल मिलेगा, जिसे बाद में जमा करना होगा। यह वही पारंपरिक तरीका है, जिससे लोग पहले से परिचित हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
इस नए फैसले से सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि अब बिजली उपभोक्ता को अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से चुनाव करने की आजादी मिल गई है। जो लोग हर महीने बिल भरने के आदी हैं, वे पोस्टपेड चुन सकते हैं, जबकि जो लोग खर्च को कंट्रोल में रखना चाहते हैं, वे प्रीपेड का विकल्प चुन सकते हैं।







