
Bihar E-Maapi: बिहार में जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में पारदर्शिता लाने के लिए नीतीश सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब जमीन की मापी के लिए लोगों को दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, क्योंकि सरकार ने ई-मापी की नई व्यवस्था लागू कर दी है और इसके लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिया है।
बिहार सरकार ने जमीन की मापी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ई-मापी की नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब जमीन की मापी के लिए आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे, बल्कि सारा काम घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से होगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शुल्क भी तय कर दिए गए हैं, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस नई व्यवस्था के तहत, आवेदन और भुगतान दोनों ही ऑनलाइन करने होंगे। इसके लिए आवेदक को बिहारभूमि पोर्टल पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन भरना होगा।
बिहार E-Maapi क्या है और कैसे होगा आवेदन?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, अब जमीन की मापी (E-Maapi) पूरी तरह से डिजिटल और ऑनलाइन प्रक्रिया पर आधारित होगी। इसके लिए आवेदक को बिहारभूमि पोर्टल पर जाकर अपना आवेदन भरना होगा। आवेदन के साथ ही निर्धारित शुल्क का भुगतान भी ऑनलाइन ही करना होगा। इस कदम से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।
सरकार ने जमीन की ई-मापी के लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में प्रति खेसरा शुल्क: 1000 रुपये
- ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति खेसरा शुल्क: 500 रुपये
यह निश्चित शुल्क व्यवस्था लोगों को पहले से अधिक स्पष्ट और पारदर्शी प्रणाली प्रदान करेगी।
नए नियम से क्या-क्या होंगे फायदे?
सरकार का दावा है कि इस डिजिटल सिस्टम से आम जनता को कई बड़े फायदे मिलेंगे। अब लोगों को जमीन मापी के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। घर बैठे ही ऑनलाइन आवेदन करने, फीस जमा करने और अपनी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि काम भी तेजी से पूरा होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जमीन मापी की प्रक्रिया को सरल, तेज और पूरी तरह से पारदर्शी बनाना है। इससे बिहार में जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में भी काफी मदद मिलने की उम्मीद है। बिहार सरकार लगातार अपनी भूमि सेवाओं को डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है, ताकि आम लोगों को अधिकतम सुविधा और बेहतर अनुभव मिल सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







