
Drone Technology: दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज (DCE) में इन दिनों ड्रोन तकनीक की धूम मची हुई है। हाल ही में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का पहला दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें छात्रों ने ड्रोन के उड़ान भरने से लेकर उसके अंदरूनी हिस्सों तक के सारे रहस्य उजागर किए। यह पहल कॉलेज के प्रौद्योगिकी टेक्निकल क्लब और स्टार्टअप सेल द्वारा की गई, जिसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीक से रूबरू कराना है।
यह अनोखी तकनीकी कार्यशाला कॉलेज के 2021 बैच के पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित स्टार्टअप, Droneman Pvt. Ltd. द्वारा संचालित की गई। कंपनी के संस्थापक मयंक कुमार और प्रशिक्षण निदेशक रवि रौशन ने प्रतिभागियों को ड्रोन तकनीक के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पहले दिन के सत्र में कुल 50 छात्रों ने भाग लिया, जिन्होंने बड़े उत्साह के साथ व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।
कैसे सिखाए गए ड्रोन तकनीक के गुर?
कार्यशाला के प्रथम दिवस पर प्रतिभागियों को ड्रोन तकनीक से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन प्रशिक्षण दिया गया। इसमें शामिल थे:
- ड्रोन के उड़ान सिद्धांत (एरोडायनामिक्स)
- नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सुरक्षा नियम और दिशा-निर्देश
- ड्रोन के मुख्य घटक और उनकी कार्यप्रणाली
- लाइव असेंबली और कैलिब्रेशन का व्यावहारिक अनुभव
- मिशन प्लानिंग और उड़ान की तैयारी
यह स्टार्टअप (Droneman Pvt. Ltd.) हाल ही में चर्चा में भी रहा है, जब इसे DCE दरभंगा के IIT पटना के इन्क्यूबेशन सेंटर के एक्सटेंशन सेंटर में प्री-इन्क्यूबेशन के लिए 2 लाख रुपये का अनुदान मिला। यह अनुदान उनकी नवाचार क्षमता और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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आत्मनिर्भर भारत की ओर एक कदम
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने कार्यशाला की सराहना की। उन्होंने कहा, “दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज में इस प्रकार की उन्नत तकनीकी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को उद्योग-उन्मुख कौशल प्रदान करने में अत्यंत सहायक हैं। हमें गर्व है कि हमारे ही पूर्व छात्रों द्वारा स्थापित स्टार्टअप आज इस स्तर पर कार्य कर रहा है और वर्तमान छात्रों को मार्गदर्शन दे रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे प्रयास आत्मनिर्भर भारत और स्टार्टअप संस्कृति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
यह दो दिवसीय आयोजन छात्रों को सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान कर रहा है, जो उन्हें भविष्य में ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करेगा। कार्यशाला के दूसरे दिन भी उन्नत प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिसमें छात्रों को ड्रोन संचालन और उनके अनुप्रयोगों का और अधिक गहन अनुभव प्राप्त होगा।







