
Road Safety: मधुबनी में सड़क सुरक्षा को लेकर एक अहम बैठक हुई है। इस बैठक में सांसद रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। प्रशासन ने ई-रिक्शा पंजीकरण और ब्लैक स्पॉट सुधार पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मधुबनी जिले में दिनांक 21 अप्रैल 2026 को संसद सदस्य सड़क सुरक्षा समिति की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। डीआरडीए सभागार में झंझारपुर लोकसभा के सांसद एवं समिति के अध्यक्ष रामप्रीत मंडल की अध्यक्षता में यह बैठक हुई। इसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और जिले में सुरक्षित यातायात प्रबंधन को सुनिश्चित करना था। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, पिछले वर्षों की दुर्घटना रिपोर्ट और भविष्य की कार्ययोजना का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया।
ई-रिक्शा पंजीकरण, ब्लैक स्पॉट और Road Safety पर फोकस
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि एक विशेष अभियान चलाकर जिले के सभी ई-रिक्शा का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्हें विभिन्न जोनों में बांटकर अलग-अलग रंग कोड भी आवंटित किए जाएंगे। साथ ही, ई-रिक्शा चालकों के प्रशिक्षण के लिए भी एक व्यापक योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जल्द ही जिले को टोइंग वैन उपलब्ध कराई जाएगी। मधुबनी रिंग रोड और बस स्टैंड का कार्य भी शुरू हो चुका है, जिसके पूरा होने पर शहर की यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा। बेहतर यातायात प्रबंधन के लिए ये कदम महत्वपूर्ण हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सांसद श्री रामप्रीत मंडल ने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रिफ्लेक्टर और सीसीटीवी कैमरा जैसे सुरक्षात्मक उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना के पीछे के संरचनात्मक, मानवीय और तकनीकी कारणों का गहन विश्लेषण किया जाना चाहिए।
यातायात जागरूकता और आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर
बैठक में हिट एंड रन मामलों में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर सहायता मिल सके। इस संबंध में सभी थानों और अस्पतालों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। शहर और प्रमुख सड़कों पर ओवरस्पीडिंग की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए गति सीमा संकेतक, चेतावनी बोर्ड, ट्रैफिक पुलिस की नियमित गश्ती और सीसीटीवी निगरानी को मजबूत करने का निर्देश दिया गया।
बच्चों और युवाओं में यातायात जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायत भवनों और हाट-बाजारों में पोस्टर अभियान, नुक्कड़ नाटक और वीडियो स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक प्रखंड या पंचायत स्तर पर मिनी ट्रैफिक पार्क स्थापित कर बच्चों को ट्रैफिक नियमों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की योजना पर भी बल दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सांसद ने सड़क दुर्घटनाओं के बाद ‘गोल्डन ऑवर’ के महत्व को रेखांकित करते हुए 108 एम्बुलेंस सेवा, ट्रॉमा सेंटर और जिला अस्पताल की आपात चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया।
अहम निर्णयों की समीक्षा और धन्यवाद
सांसद रामप्रीत मंडल ने अंत में कहा कि Road Safety से संबंधित सभी निर्णयों की नियमित समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बैठक में उपस्थित माननीय सदस्यों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों के लिए सभी को धन्यवाद भी दिया। इस बैठक में माननीय लोकसभा सदस्य एवं सह-अध्यक्ष जिला समन्वय एवं अनुश्रवण समिति श्री अशोक कुमार यादव, माननीय सदस्य बिहार विधान परिषद श्री घनश्याम ठाकुर, माननीय सदस्य बिहार विधानसभा श्रीमती मीना कामत, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बिंदु गुलाब यादव, उप विकास आयुक्त श्री सुमन प्रसाद साह, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री राम बाबू, सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित कई अन्य पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







