
Vigilance Trap: बिहार में भ्रष्टाचार पर लगातार शिकंजा कस रहा है। ताजा मामला सासाराम से सामने आया है, जहां निगरानी टीम ने एक प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (BCO) को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई धान खरीद के भौतिक सत्यापन के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप में की गई।
यह घटना राजपुर प्रखंड की है। जनार्दन कुमार नामक BCO राजपुर के पैक्स प्रबंधक प्रशांत कुमार से धान खरीद के भौतिक सत्यापन के लिए 10 हजार रुपये की घूस मांग रहा था। प्रशांत कुमार ने इस संबंध में निगरानी विभाग से शिकायत की, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया। शुक्रवार को जनार्दन कुमार को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोच लिया गया। यह Vigilance Trap धान खरीद से जुड़े भ्रष्टाचार को उजागर करने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
कैसे बिछाया गया Vigilance Trap?
निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैक्स प्रबंधक की शिकायत के बाद एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने पूरी योजना के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया। जनार्दन कुमार को रिश्वत के पैसे लेते ही तुरंत पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद टीम उसे उसके सासाराम स्थित आवास पर भी ले गई, जहाँ विस्तृत जांच पड़ताल की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
निगरानी कोर्ट में पेशी और आगे की कार्रवाई
निगरानी विभाग के इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि धान खरीद के भौतिक सत्यापन के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पदाधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार BCO को निगरानी टीम पटना लेकर रवाना हो गई है, जहाँ उसे निगरानी कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस मामले से राज्य में फैले भ्रष्टाचार पर फिर से सवाल उठ खड़े हुए हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
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