
बिहार CM सम्राट चौधरी: रविवार का दिन मुंगेर के लिए ऐतिहासिक रहा, जब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने पैतृक क्षेत्र असरगंज पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ ‘मन की बात’ कार्यक्रम में शिरकत की, बल्कि एक जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार के विकास को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और अधिकारियों को सख्त चेतावनी भी दी।
अपनी कर्मभूमि से ‘विकसित बिहार’ का संकल्प
मुख्यमंत्री बनने के बाद बिहार CM सम्राट चौधरी पहली बार मुंगेर के असरगंज प्रखंड पहुंचे। उनका कार्यक्रम अमैया पंचायत के बैजलपुर गांव में स्थित काली मंदिर परिसर में आयोजित किया गया था, जहां उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुना। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उन्होंने एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने इसे अपने लिए खास दिन बताया, क्योंकि वे पहली बार इसी इलाके से विधायक बने हैं और पहली बार ही उन्हें बिहार का नेतृत्व करने का मौका मिला है। उन्होंने इस अवसर को सम्मान और बड़ी जिम्मेदारी दोनों करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे पहले वे कई बार विधायक और विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं, लेकिन अपने जन्मस्थान की सेवा का यह पहला अवसर है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
बिहार CM सम्राट चौधरी ने गिनाईं प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सहयोग से मिली है। उन्होंने इस कार्य को आसान नहीं, बल्कि एक बड़ी चुनौती बताया। उनका मुख्य उद्देश्य बिहार विकास को गति देना और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पूरा करने में योगदान देना है। उन्होंने ‘मन की बात’ में उठाए गए विषयों का भी जिक्र किया, जिसमें गौतम बुद्ध के शांति संदेश और साइबेरियन पक्षियों के आगमन का उल्लेख शामिल था। उन्होंने इसे प्रकृति और संस्कृति दोनों का संदेश बताया।

प्रशासनिक सुधार और इको-टूरिज्म पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसे कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। इसके साथ ही महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी अनेक योजनाएं चलाई गई हैं। उन्होंने जोर दिया कि अब इन कार्यों को और तेजी से आगे बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी बात की और कहा कि ब्लॉक, अंचल और थाना स्तर पर कामकाज को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे निगरानी की जाएगी, ताकि व्यवस्था को जमीन तक बेहतर बनाया जा सके। फाइलों को बेवजह रोककर रखने की आदत अब नहीं चलेगी। उनका सपना बिहार विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है और इसमें कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
जनसभा के बाद मुख्यमंत्री ढोल पहाड़ी के लिए रवाना हुए। वहां उन्होंने इको टूरिज्म योजना के तहत विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। इस परियोजना की कुल लागत लगभग 12.49 करोड़ रुपये बताई गई है, जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें








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