आशा भोसले श्रद्धांजलि: भागलपुर में सुरों की मल्लिका आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। संगीत प्रेमियों और खास तौर पर गीत-संगीत से जुड़ी महिलाओं ने एक यादगार संगीतमय कार्यक्रम का आयोजन कर उन्हें याद किया। इस अवसर पर पूरा माहौल उनकी मधुर आवाज़ के जादू से सराबोर रहा।
भागलपुर में गीत और संगीत से जुड़ी महिलाओं ने सुरों की मल्लिका आशा भोसले को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित संगीतमय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और अपने सुरों के माध्यम से आशा ताई को याद किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पूरे माहौल में संगीत की मधुरता और भावनाओं की गहराई साफ झलक रही थी।
संगीत की थाप पर आशा ताई को नमन
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने आशा भोसले द्वारा गाए गए प्रसिद्ध हिंदी और बंगला गीतों को प्रस्तुत किया। हर गीत के साथ उपस्थित लोगों की भावनाएं और भी जुड़ती चली गईं। यह आशा भोसले श्रद्धांजलि सभा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि यह संगीत के माध्यम से एक सजीव स्मृति बन गई, जिसमें आशा ताई के योगदान को दिल से महसूस किया गया। इस संगीतमय संध्या में सभी उपस्थित जन ने उनकी विरासत को सराहा।
किशोर कुमार की धरती से संगीत का सलाम
आयोजन की प्रमुख सुचित्रा सरकार ने बताया कि यह विशेष संध्या महान गायक किशोर कुमार की धरती से आशा ताई को नमन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि आशा भोसले का संगीत भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है और उनकी आवाज़ आज भी हर पीढ़ी के दिलों में जीवित है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस कार्यक्रम के माध्यम से एक शाम पूरी तरह उनके नाम समर्पित की गई, जिसमें संगीत प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित महिलाओं ने सामूहिक रूप से गीत गाकर आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी। यह संगीतमय संध्या न केवल एक यादगार आयोजन बनी, बल्कि संगीत के प्रति प्रेम और सम्मान का प्रतीक भी साबित हुई।
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