
Rajkot Accident: गुजरात के राजकोट में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने बिहार के कई परिवारों को उजाड़ दिया है। मंगलवार शाम कटरा के मछली व्यवसायी दो सगे भाइयों का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम पसर गया। परिजनों के विलाप से हर आंख नम हो गई।
गुजरात के राजकोट में हुए भीषण सड़क हादसे के लगभग 72 घंटे बाद, मंगलवार शाम बिहार के कटरा प्रखंड स्थित पतारी गांव में मछली व्यवसायी गुलाब सहनी (35) और कृष्णनंदन सहनी (22) के शव पहुंचे। एंबुलेंस से जैसे ही दोनों भाइयों के शव घर पहुंचे, परिजनों और रिश्तेदारों में चीख-पुकार मच गई। यह मंजर देख आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में उमड़ पड़े और पूरा माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के करुण विलाप को सुन वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। देर शाम दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वहीं, एक अन्य एंबुलेंस से सीतामढ़ी जिले के पुपरी प्रखंड के दुम्हांर पट्टी गांव निवासी रितेश सहनी (उमेंद्र सहनी के पुत्र) का शव भी उनके गांव पहुंचा। यह तीसरा शव भी इसी गुजरात हादसा का शिकार था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मछली व्यवसायी गुलाब के पिता रामबली सहनी ने बताया कि वह पिछले करीब 30 वर्षों से गुजरात के राजकोट में रहकर मछली पकड़ने का काम करते हैं और इसी से परिवार का भरण-पोषण होता है। उनके तीन बेटे भी इस काम में उनका हाथ बंटाते थे।
परिजनों का टूटा सब्र, गांव में पसरा मातम
शनिवार की शाम उनके दो बेटे गुलाब और कृष्णनंदन सहित कुल 16 लोग एक पिकअप वैन से राजकोट स्थित एक पोखर से मछली पकड़ने निकले थे। रास्ते में पिकअप का अगला टायर अचानक फट गया, जिससे वैन अनियंत्रित होकर एक ओवरब्रिज की रेलिंग से टकराई और करीब 20 फीट नीचे सड़क पर जा गिरी। इस भयावह Rajkot Accident में गुलाब, कृष्णनंदन और रितेश सहनी की मौके पर ही मौत हो गई।
पिकअप वैन पलटने से हुआ भयावह Rajkot Accident
हादसे में घायल करीब एक दर्जन लोगों का इलाज अभी भी राजकोट के अस्पतालों में चल रहा है, जिनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। शव गांव पहुंचने के बाद गुलाब की पत्नी संगीता देवी, माता इनर देवी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। वे बार-बार बेहोश हो रहे थे। पूरा गांव सदमे में है।
परिवार के लिए रोजी-रोटी का सवाल
इस त्रासदी ने एक साथ तीन परिवारों की खुशियां छीन ली हैं। अब इन परिवारों के सामने रोजी-रोटी का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन से उम्मीद है कि वे पीड़ित परिवारों को उचित सहायता प्रदान करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







