
Satellite Township: बिहार के शहरी विकास में अब एक नई क्रांति आने वाली है। सम्राट सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद, राज्य के 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की घोषणा की गई थी। अब इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसके तहत पहले ‘कोर एरिया’ को विकसित किया जाएगा। यह कदम न केवल विकास की रफ्तार बढ़ाएगा बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार लाएगा।
बिहार में 11 जिलों में सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की इस योजना के तहत, पहले कोर एरिया को तैयार करने का निर्णय लिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि कोर एरिया अक्सर हरित पट्टी के रूप में होता है और यहां कोई बड़ा निर्माण या संरचना नहीं होती। इससे किसानों से जमीन लेने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी और विकास कार्य तेजी से शुरू हो पाएगा। इस पूरे इलाके को आवासीय, व्यावसायिक और सामुदायिक ज़ोन में बांटकर प्लाटिंग की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
क्या है ‘कोर एरिया’ और क्यों है यह महत्वपूर्ण?
नगर विकास विभाग के अनुसार, पहले कोर एरिया को तैयार किया जाएगा और उसके बाद टाउनशिप का विस्तार स्पेशल एरिया तक होगा। इन Satellite Township को आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग से बेहतर संपर्क स्थापित किया जाएगा। टाउनशिप की सीमाएं नेशनल हाइवे और रिंग रोड के आसपास तय की गई हैं। विभाग ने नए एयरपोर्ट बनाने की योजना भी बनाई है। सोनपुर में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रस्तावित है, जबकि भागलपुर टाउनशिप के लिए सुल्तानगंज में एयरपोर्ट का प्रस्ताव है।
- पटना की टाउनशिप का स्पेशल एरिया राज्य में सबसे बड़ा है, जिसमें 81 हजार से अधिक हेक्टेयर एरिया शामिल है।
- सोनपुर में कोर एरिया लगभग दो हजार एकड़ में फैला है, जो राज्य में सबसे बड़ा है।
टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सार्वजनिक ज़मीन पर पार्क, खेल के मैदान और अन्य ज़रूरी संसाधन भी विकसित किए जाएंगे।
जमीन के वितरण का एक स्पष्ट खाका भी तैयार किया गया है:
- 3 प्रतिशत हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के घर बनाने के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
- 5 प्रतिशत हिस्सा हरियाली (पार्क) के लिए आरक्षित होगा।
- 15 प्रतिशत हिस्सा प्लानिंग अथॉरिटी के पास रहेगा, ताकि भविष्य में अन्य ज़रूरतें पूरी हो सकें।
- 55 प्रतिशत हिस्से में चौड़ी सड़कें और बुनियादी ढांचा विकास होगा।
- शेष 55 प्रतिशत विकसित ज़मीन मालिकों को वापस लौटा दी जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
किसानों को कैसे मिलेगा लाभ? ज़मीन के दाम में होगा बड़ा उछाल
यह योजना किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। वर्तमान में किसानों के पास जो बेतरतीब या बिखरे हुए प्लॉट हैं, उन्हें समेटकर एक नियमित आकार का ‘विकसित प्लॉट’ दिया जाएगा। इससे उसकी उपयोगिता और बाज़ार कीमत कई गुना बढ़ जाएगी। जो ज़मीन किसान को वापस मिलेगी, वह पूरी तरह से विकसित होगी, यानी कि हर प्लॉट तक पक्की सड़क, बिजली की लाइन, पानी और नाली की सुविधा पहले से मौजूद होगी। आज जिस खेत की कीमत कम है, विकसित होने के बाद टाउनशिप में वही प्लॉट सोने के भाव बिकेगा। इस तरह से सरकार किसानों के आर्थिक फायदे को ध्यान में रखकर तैयारी कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
यह योजना राज्य में आधुनिक और व्यवस्थित शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है और इन Satellite Townships से बिहार के 11 जिलों में विकास की नई इबारत लिखी जाएगी।







