
दरभंगा राजनीति: बिहार के दरभंगा में सियासी हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद की अध्यक्ष सीता देवी को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया है। इस नाटकीय घटनाक्रम ने जिले के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।
दरभंगा राजनीति: अविश्वास प्रस्ताव पारित, सीता देवी की कुर्सी गई
दरभंगा जिला परिषद में गुरुवार को एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। अध्यक्ष सीता देवी के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया, जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ना पड़ा। विशेष बैठक समाहरणालय सभागार में प्रभारी डीएम सह जिला अल्पसंख्यक पदाधिकारी सलीम अख्तर की मौजूदगी में आयोजित की गई थी। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच इस पर मतदान हुआ।
कुल 47 सदस्यों वाली परिषद में से 26 सदस्य बैठक में शामिल हुए। सभी 26 सदस्यों ने एकजुट होकर अध्यक्ष के खिलाफ मतदान किया। इस प्रकार, सीता देवी को हटाए जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ। यह घटनाक्रम दिखाता है कि कैसे स्थानीय निकायों में भी समीकरण तेजी से बदलते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अनुपस्थित सदस्यों और बदले समीकरणों पर चर्चा
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष सीता देवी, उपाध्यक्ष अरुणा झा और पूर्व उपाध्यक्ष ललिता झा सहित कुल 21 सदस्य अनुपस्थित रहे। इन सदस्यों की अनुपस्थिति भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह केवल एक साधारण वोट नहीं था, बल्कि एक सोची समझी रणनीति का हिस्सा था। दिलचस्प बात यह है कि जिन सदस्यों ने पहले सीता देवी को अध्यक्ष बनाने में अहम भूमिका निभाई थी, वही अब उनके विरोध में खड़े नजर आए, जिससे जिला परिषद की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
प्रभारी डीएम ने मतगणना के बाद अविश्वास प्रस्ताव पारित होने की घोषणा की और बताया कि अब नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना भेजी जाएगी, जिसके बाद चुनाव की तिथि तय की जाएगी। गौरतलब है कि 12 जनवरी 2024 को भी जिला परिषद में अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था। इसके बाद 15 मार्च 2024 को हुए चुनाव में सीता देवी अध्यक्ष बनी थीं। यह घटना दरभंगा राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस पूरे घटनाक्रम को दरभंगा की स्थानीय राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसका असर आने वाले समय में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। दरभंगा राजनीति में यह फेरबदल कई नए समीकरणों को जन्म दे सकता है।






