spot_img

Bhagalpur News: कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा का पहुंचा पार्थिव शरीर, भागलपुर में नाम आंखों से दी गई श्रद्धांजलि, राहुल गांधी ने जताया शोक

spot_img
- Advertisement -

Praveen Singh Kushwaha: कन्नौज में हुए एक भीषण सड़क हादसे ने कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा को हमसे छीन लिया। यह खबर भागलपुर पहुंचते ही राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई। दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर देर रात उनके गृह नगर पहुंचा, जहां कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।

- Advertisement -

कन्नौज में हुए एक भीषण सड़क दुर्घटना में कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह कुशवाहा का निधन हो गया। यह हादसा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तब हुआ जब उनकी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और दूसरी लेन में जा रही गाड़ी से भिड़ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उन्हें गंभीर चोटें आईं।

- Advertisement -

स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से प्रवीण कुशवाहा को कन्नौज मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया। परिजनों ने उन्हें कानपुर ले जाने का फैसला किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी तबियत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Bhagalpur News: भागलपुर पुल ढहने के बाद Traffic Jam भीषण ट्रैफिक जाम से यात्री बे - दम!

अचानक हुए हादसे में प्रवीण सिंह कुशवाहा का दुखद निधन

कल देर रात प्रवीण सिंह कुशवाहा का पार्थिव शरीर भागलपुर स्थित कांग्रेस भवन लाया गया। यहां पूर्व विधायक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भाजपा के विधायक सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके अंतिम दर्शन किए और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आज बरारी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रवीण सिंह कुशवाहा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे संगठन के प्रति निष्ठावान और संघर्षशील नेता थे। उनके जाने से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

संघर्षशील नेता प्रवीण कुशवाहा का राजनीतिक सफर

प्रवीण सिंह कुशवाहा अक्सर कहा करते थे कि वे बैकफुट पर नहीं, बल्कि फ्रंटफुट पर खेलते हुए संघर्ष करते रहेंगे। यही उनका जीवन मंत्र भी रहा। उन्होंने चार बार चुनाव लड़ा, जिसमें पटना साहिब, भागलपुर और कहलगांव सीट से विधानसभा चुनाव शामिल हैं, लेकिन उन्हें जीत हासिल नहीं हुई। इसके बावजूद, वे लगातार सक्रिय रहे और पार्टी के संगठन को मजबूत करने के लिए अथक प्रयास करते रहे। उन्होंने पहली बार 2005 में चुनाव लड़ा था और 2020 तथा 2025 में भी चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी पेश की। पिछले महीने ही उन्हें कांग्रेस ने भागलपुर में जिला अध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी।

देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -

जरूर पढ़ें