
Hospital Negligence: Bhagalpur News: स्वास्थ्य सिस्टम के कलंक…नवगछिया अस्पताल की लापरवाही देखिए CM साहेब… क्रिकेट खेलता रहा डॉक्टर, इमरजेंसी में तड़पते रहे सड़क हादसे का घायल!
साहेब, जरा बिहार के नवगछिया अनुमंडल अस्पताल की लापरवाही देखिए। मन पर चोट लगेगी। एक ऐसी शर्मनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे स्वास्थ्य महकमे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल मरीज इमरजेंसी वार्ड में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे थे, और उन्हें प्राथमिक उपचार देने वाला डॉक्टर परिसर में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने में व्यस्त था। वायरल वीडियो की पुष्टि देशज टाइम्स नहीं करता है।
भागलपुर जिले का नवगछिया अनुमंडल अस्पताल एक बार फिर गंभीर लापरवाही और अव्यवस्था को लेकर सुर्खियों में है। हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में घायल छह लोगों को आनन-फानन में अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया। इनमें से पांच की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही थी, जिन्हें तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।

इमरजेंसी में क्रिकेट खेलते डॉक्टर: Hospital Negligence की पराकाष्ठा
आरोप है कि जिस समय घायल मरीज इलाज के लिए तड़प रहे थे, उस समय इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अफजल हुसैन अस्पताल परिसर में बच्चों के साथ क्रिकेट खेलने में व्यस्त थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार की जिम्मेदारी अन्य स्टाफ को सौंप दी और स्वयं मौके से हट गए। इस पूरी घटना का एक वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यह घटना नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में व्याप्त Hospital Negligence और कुप्रबंधन का जीता-जागता उदाहरण है।

अव्यवस्था का शिकार नवगछिया अस्पताल: दलाल और रेफरल नीति
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। संबंधित चिकित्सक पर पूर्व में भी इमरजेंसी ड्यूटी के दौरान लापरवाही, अनुपस्थिति और मरीजों के प्रति उदासीन रवैये के कई आरोप लग चुके हैं। बावजूद इसके, अब तक कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनके मनोबल में लगातार वृद्धि हो रही है। अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। आरोप है कि यहां गंभीर मरीजों को अक्सर “सुविधा उपलब्ध नहीं है” कहकर तुरंत रेफर कर दिया जाता है। कई मामलों में अगर परिजन उपस्थित नहीं हों तो ठीक से प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया जाता, जिससे मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है। इस घटना ने न सिर्फ डॉक्टर के रवैये पर, बल्कि पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अस्पताल परिसर के बाहर कथित रूप से सक्रिय दलालों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये लोग मरीजों को गुमराह कर निजी अस्पतालों में ले जाते हैं। इस तरह के कई वीडियो पहले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से अब तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं न केवल अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि पूरे क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की जवाबदेही पर भी गंभीर चिंतन की मांग करती हैं। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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