
बिहार कैबिनेट: बिहार में नई सरकार के गठन का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। 7 मई को पटना के गांधी मैदान में मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह होगा, जिसके लिए राजधानी पटना में बैठकों का दौर जारी है। NDA के सभी घटक दलों के बीच संभावित मंत्रियों के नाम पर सहमति बनाने की कवायद तेज़ हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जदयू के प्रमुख नेता नीतीश कुमार और बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनेंगे।
बिहार कैबिनेट विस्तार: बिहार में राजनीतिक गलियारों में इस वक्त एक ही चर्चा है – मंत्रिमंडल का विस्तार। 7 मई को होने वाले राज्य मंत्रिमंडल विस्तार में 30 से अधिक नए चेहरे मंत्री पद की शपथ लेंगे। इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए राजधानी पटना का गांधी मैदान पूरी तरह तैयार है।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आज देर शाम पटना पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कल दिल्ली से पटना पहुंचेंगे और हेलिकॉप्टर से सीधे गांधी मैदान आएंगे। इसके लिए गांधी मैदान में तीन हेलीपैड बनाए गए हैं।
बिहार कैबिनेट विस्तार: शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां जोरों पर
इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे। पटना एयरपोर्ट से लेकर गांधी मैदान तक पूरे शहर को झंडे और बैनरों से सजाने का काम पटना महानगर इकाई और स्थानीय विधायकों को सौंपा गया है। प्रधानमंत्री के आगमन की संभावनाओं को देखते हुए राजधानी पटना में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मंत्रियों की संभावित सूची: कौन-कौन लेगा शपथ?
सूत्रों के अनुसार, भाजपा के संभावित मंत्रियों की मंत्रियों की सूची को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हरी झंडी मिलने के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। वहीं, जदयू के संभावित मंत्रियों की सूची पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार की सहमति पहले ही मिल चुकी है। राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर भाजपा के 15 और जदयू के 14 मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। इसके साथ ही, जदयू के दो उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव पहले से ही सरकार में शामिल हैं, जिससे जदयू के मंत्रियों की कुल संख्या 16 हो जाएगी।
एनडीए सहयोगियों को भी मिलेगा मौका
कैबिनेट विस्तार में एनडीए के अन्य सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी दी जा रही है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से दो, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) से एक और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) से एक मंत्री बनाए जाने की संभावना है। कुल मिलाकर, लगभग 35 मंत्री शपथ ले सकते हैं। यह बिहार कैबिनेट विस्तार राज्य की राजनीति में नए समीकरण स्थापित करेगा। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि अंतिम समय में मंत्री के चार पद खाली भी रखे जा सकते हैं, जिन्हें विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव के बाद अगले विस्तार में भरा जा सकता है।
जदयू कोटे से और भाजपा कोटे से संभावित मंत्रियों के नाम इस प्रकार हैं:
- जदयू कोटे से: डॉ. अशोक चौधरी, श्रवण कुमार, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, लेशी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, मो. जमा खान, श्वेता गुप्ता, अतिरिक कुमार और रत्नेश सदा। कुछ नए नामों पर भी अंतिम समय में चर्चा हो सकती है।
- भाजपा कोटे से: पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, डॉ. दिलीप जायसवाल, नीतीश मिश्रा, रमा निषाद, संजीव चौरसिया, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, संजय सिंह टाइगर और अरुण शंकर प्रसाद के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।
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मंत्रिमंडल गठन की तैयारी अंतिम चरण में
राजधानी पटना में आज दिनभर अहम बैठकों का सिलसिला चला। इन बैठकों में संभावित मंत्रियों के नाम पर गहन मंथन किया गया और उन पर अंतिम मुहर लगाने की कोशिश की जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर जेडीयू नेताओं की लगातार बैठकें हुईं। इन बैठकों में उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, जदयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह जैसे कद्दावर नेता मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस दौरान, जदयू की सूची को अंतिम रूप देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
बिहार कैबिनेट: कौन होगा नए मंत्रिमंडल में?
सूत्रों की मानें तो जदयू की ओर से कई पुराने चेहरों को नए मंत्रिमंडल में फिर से मौका मिलने की प्रबल संभावना है। श्रवण कुमार, लेसी सिंह और अशोक चौधरी के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं। वहीं, कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, जिससे युवा और अनुभवी नेताओं का संतुलन बना रहे। उम्मीद की जा रही है कि आज शाम तक NDA के सभी संभावित मंत्रियों के नाम की पूरी सूची तैयार हो जाएगी, जिस पर आलाकमान की अंतिम मंजूरी मिलते ही 7 मई को होने वाले शपथ ग्रहण में इनकी घोषणा की जाएगी।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर जोर
बिहार में सरकार गठन को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। सभी दल अपने-अपने हिस्से को लेकर सक्रियता दिखा रहे हैं। मंत्रिमंडल में संतुलन बनाए रखने के लिए जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को विशेष रूप से ध्यान में रखा जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी प्रमुख वर्गों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस कवायद का मुख्य उद्देश्य एक मजबूत और स्थिर सरकार देना है जो बिहार के विकास पथ पर अग्रसर हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







