
Vikramshila Bridge Collapse: भागलपुर की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस घटना ने बिहार में भी सियासी गरमाहट बढ़ा दी है। विक्रमशिला पुल ढहने से जहां आम जनता त्रस्त है, वहीं सांसद और पूर्व विधायक दोनों ही इस मामले पर सरकार को घेर रहे हैं, जिससे सियासत तेज हो गई है।
भागलपुर में विक्रमशिला पुल का एक हिस्सा गंगा नदी में समा जाने के बाद से क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है। आज, सांसद अजय कुमार मंडल ने विधायक मिथुन यादव के साथ क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया। दूसरी ओर, भागलपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने पुल ध्वस्त होने पर सरकार को जमकर घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी चेतावनी के बावजूद लापरवाही बरती गई। शर्मा ने बताया कि जब वे विधायक थे, तब उन्होंने विधानसभा में विक्रमशिला सेतु के एक्सपेंशन जॉइंट्स के गैप बढ़ने का मुद्दा उठाया था और संभावित हादसे की आशंका जताई थी। तत्कालीन मंत्री ने जवाब दिया था कि विक्रमशिला पुल की स्थिति सही है और यातायात सुगम है, साथ ही टीम जांच भी कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
विक्रमशिला पुल ढहने पर राजनीतिक बयानबाजी और आरोप
अजीत शर्मा ने दावा किया कि 10 महीने पहले मिले इस आश्वासन के बावजूद कोई काम नहीं हुआ, जिसका नतीजा आज सबके सामने है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से पुल को जल्द दुरुस्त करने और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

उनका कहना है कि यह दिखाता है कि पुल सुरक्षा को लेकर कितनी लापरवाही बरती गई। सांसद अजय कुमार मंडल ने भी जानकारी दी कि उन्होंने 16 सितंबर 2025 से कई पत्र मंत्रियों और अधिकारियों को लिखे थे। इसके बाद 20 मार्च 2026 को पुल निगम के विशेषज्ञों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया गया था, जिसमें पुल की मुख्य संरचना को सुरक्षित बताया गया था और आवागमन जारी रखने की अनुमति दी गई थी। लेकिन, दुर्भाग्यवश 3 मई 2026 की रात को पुल का लगभग 34 मीटर लंबा स्लैब अचानक गंगा नदी में गिर गया, जिससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया।
आवागमन बाधित, यात्रियों को भारी परेशानी
विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त/टूट जाने के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है, जिससे आम जनजीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है। गंगा नदी के इस पार से उस पार जाने वाले लोगों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में मरीजों को मायागंज अस्पताल तक पहुंचाने में भी दिक्कतें आ रही हैं।

सांसद ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि स्टीमर/नौका सेवा को निःशुल्क और निरंतर संचालित रखा जाए। साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी स्टीमर/नौकाओं में लाइफ जैकेट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं और एसडीआरएफ टीम की तैनाती की जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सांसद ने दिए निर्देश और उठाई नई ट्रेनों की मांग
सांसद ने तकनीकी टीम से अनुमोदन के बाद टूटे हुए पुल के निकट तत्काल सीढ़ी लगाने का भी निर्देश दिया है, ताकि अधिकांश यात्री सीढ़ी का उपयोग करके टोटो/ई-रिक्शा से नवगछिया से आ-जा सकें। इसके अलावा, सांसद ने रेल मंत्री से भागलपुर से खगड़िया (जमालपुर होते हुए) के लिए 2 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें और भागलपुर से कटिहार के लिए 2 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की मांग की है, ताकि लोगों की आवागमन की समस्या कुछ हद तक कम हो सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/







You must be logged in to post a comment.