
Benipur Traffic Jam: बेनीपुर की सड़कों पर जाम अब सिर्फ एक समस्या नहीं, बल्कि रोज की नियति बन चुकी है। प्रचंड गर्मी में घंटों जाम में फंसे लोग, स्कूल के बच्चे और मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस, सभी बेहाल नजर आए। अनुमंडल मुख्यालय की मुख्य सड़क पर लगने वाला यह नासूर अब आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
Benipur Traffic Jam: आखिर क्यों लगता है रोजाना जाम?
बेनीपुर-बिरौल-दरभंगा पथ पर रोजमर्रा का जाम अब बेनीपुर की पहचान बन गया है। आम लोगों से लेकर उच्च अधिकारियों, राजनेताओं, एंबुलेंस और स्कूली बच्चों तक को प्रतिदिन इस मुसीबत का सामना करना पड़ता है।
आश्चर्य की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन इस जाम के मुख्य कारणों से भली-भांति परिचित है, लेकिन जानबूझकर अनजान बना हुआ है। सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े ऑटो-रिक्शा, सब्जी और फल वालों के खोमचे, और अस्थायी दुकानें इस जाम का प्रमुख कारण हैं। खासकर, स्थानीय निवासी अपने मकान के सामने दुकान लगाने वालों को दैनिक किराए पर देकर इस समस्या को और अधिक बढ़ावा दे रहे हैं।कई बार अनुमंडल पदाधिकारी के निर्देश पर जाम हटाने की औपचारिकता पूरी की जाती है, लेकिन अगले ही दिन स्थिति फिर से जस की तस हो जाती है। पूर्व में SH 88 के मिलान स्थल पर दुर्गा मंदिर के सामने पुलिस बल तैनात रहता था, जो जाम हटाने में काफी सहायक सिद्ध होता था, लेकिन यह सुविधा भी अब हटा ली गई है। नतीजा यह है कि हर दिन जाम में फंसना बेनीपुर के लोगों की नियति बन चुकी है। बुधवार को दिन के 11 बजे लगा Benipur Traffic Jam समाचार लिखे जाने तक बना रहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
छात्रों और मरीजों की दुर्दशा
भीषण धूप में एंबुलेंस में फंसे मरीज और गर्मी से बेहाल स्कूली बच्चे जाम में तड़पते रहे। जिस विद्यालय में 11 बजे से 12 बजे तक छुट्टी की घंटी बज चुकी थी, वहां के बच्चे 3 बजे तक भी घर नहीं पहुंच पाए। इससे चिंतित अभिभावक अपने बच्चों की तलाश में विद्यालय की ओर भागे, लेकिन जाम की स्थिति देखकर वे प्रशासन को कोसने के अलावा कुछ नहीं कर सके। बेनीपुर भरत चौक से लेकर हटिया गाछी, अंबेडकर चौक, आशापुर टावर चौक, अलीनगर एवं बहेड़ा पथ सहित मझौरा चौक तक करीब 5 किलोमीटर लंबी जाम ने दिनभर लोगों को बेहाल रखा।
प्रशासनिक अधिकारी का बयान और आगे की राह
इस संबंध में पूछने पर अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार झा ने बताया कि अतिक्रमण हटाने का निर्देश अंचल अधिकारी एवं नगर प्रशासन को दिया गया था, लेकिन अंचल अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारियों की लंबी हड़ताल के कारण अतिक्रमण हटाने का काम नहीं हो सका। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही अतिक्रमण हटाकर यहां स्थायी पुलिस बल की नियुक्ति की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह के जाम से बचा जा सके। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंप्रशासन का यह आश्वासन कितना कारगर होता है, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन तत्काल बेनीपुर वासियों को इस भयावह समस्या से राहत मिलना बेहद जरूरी है। अतिक्रमण हटाने और यातायात प्रबंधन में सुधार ही इस समस्या का स्थायी समाधान है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।







