
कमतौल जलजमाव: बारिश ने दरभंगा के कमतौल और अहियारी नगर पंचायत में आम लोगों की जिंदगी बेहाल कर दी है। सड़कों पर गहरे कीचड़ और जलजमाव ने पैदल चलने से लेकर वाहन चलाने तक सब मुश्किल कर दिया है। न केवल आवागमन बाधित है, बल्कि व्यापार और स्वास्थ्य पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है।
कमतौल जलजमाव: आखिर क्या है समस्या की जड़?
दरभंगा जिले के कमतौल और अहियारी नगर पंचायत सहित ग्रामीण इलाकों की कई सड़कें इस समय जलजमाव और कीचड़ की चपेट में हैं। बारिश का पानी निकलने की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़कों पर जमा हो रहा है, जिससे आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कमतौल बाजार में तो राहगीरों का कीचड़ और पानी के बीच से निकलना पसीने छुड़ाने वाला अनुभव बन गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपूर्ण बुनियादी ढांचा ही इस गंभीर समस्या की मुख्य वजह है, जिसकी वजह से हर साल बारिश में ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
स्वास्थ्य और व्यापार पर दोहरी मार
- कीचड़ और रुके हुए पानी से न केवल आवागमन में बाधा आ रही है, बल्कि यह एक बड़ी सड़क समस्या बन गई है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं।
- जलजमाव के कारण ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। दुकानों तक पहुंचना मुश्किल होने से बिक्री पर सीधा असर पड़ रहा है।
- सड़कों का जर्जर होना भी एक बड़ी चिंता है। जलजमाव से सड़कें तेजी से टूट रही हैं, जिससे दुपहिया और चौपहिया वाहनों के लिए यह सड़क समस्या और भी गंभीर हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने इस गंभीर कमतौल जलजमाव की स्थिति से निजात दिलाने के लिए प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि नालियों की उचित व्यवस्था और सड़कों का सही निर्माण ही इस समस्या का दीर्घकालिक हल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए ताकि क्षेत्र के लोग रोजमर्रा की परेशानियों से मुक्त हो सकें और व्यापारिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







