
Bihar Cabinet Decisions: बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास को नई रफ्तार देने वाले 20 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुए इन फैसलों से तकनीकी, स्वास्थ्य और परिवहन जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। सरकार का लक्ष्य आधुनिक व्यवस्था, पारदर्शिता और जन-सुविधाओं को बढ़ावा देना है, जिससे बिहार को एक डिजिटल और स्मार्ट राज्य बनाने की दिशा में मजबूती मिलेगी। आइए जानते हैं, इन फैसलों में क्या कुछ खास है और बिहार पर इनका क्या असर होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
सीएम सम्राट ने लगाई 20 प्रस्तावों पर मुहर, सीतामढ़ी से इलेक्ट्रिक बसों तक बड़े फैसले
Bihar Cabinet Meeting: बिहार में एक बार फिर फैसलों की झड़ी लगी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिससे राज्य के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है। सड़क से लेकर एयरपोर्ट तक, और शिक्षा से लेकर पर्यावरण तक, सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
बुधवार को पटना के मुख्य सचिवालय में हुई इस अहम बैठक में कुल 20 प्रस्तावों को हरी झंडी मिली। इस Bihar Cabinet Meeting में राज्य के पथों के रखरखाव से लेकर पटना एयरपोर्ट के विस्तार और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने जैसे कई बड़े फैसले शामिल हैं।
तकनीक में बिहार की उड़ान: Bihar Cabinet Decisions का बड़ा फैसला
कैबिनेट ने ‘बिहार एआई मिशन’ को हरी झंडी दे दी है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य बिहार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाना है। इसके तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। एआई का उपयोग प्रशासन, कृषि, स्वास्थ्य और वित्तीय प्रबंधन में किया जाएगा, जिससे डेटा आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी। यह पहल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और सुशासन सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
परिवहन और शहरी सुविधाएं होंगी बेहतर
- 400 नई इलेक्ट्रिक बसें: प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत राज्य में 400 नई इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इनमें पटना में 150 बसें और मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, दरभंगा तथा पूर्णिया में 50-50 बसें शामिल होंगी। इस परियोजना पर 517.16 करोड़ रुपये की लागत आएगी और यह योजना अगले 12 वर्षों तक चलेगी। शहरी परिवहन में इलेक्ट्रिक बसें प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण में सहायक होंगी, साथ ही यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सुविधा मिल सकेगी।
- मां सीता के नाम पर मेडिकल कॉलेज: सीतामढ़ी में बन रहे नए मेडिकल कॉलेज का नाम अब ‘मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल’ होगा। यह फैसला स्थानीय आस्था और सीतामढ़ी की सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने के उद्देश्य से लिया गया है।
Bihar Cabinet Meeting: सड़क, एयरपोर्ट और उद्योगों को नई रफ्तार
राज्य सरकार ने पथ निर्माण विभाग की कुल 19305 किलोमीटर सड़कों के रखरखाव के लिए 15967 करोड़ 3 लाख 42 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। यह कार्य केंद्रीयकृत कंट्रोल एवं कमांड सेंटर और AI तकनीक से पथों के निरीक्षण और अनुरक्षण के जरिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य राज्य की सड़क व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाना है।
इसके साथ ही, पटना एयरपोर्ट के विस्तार को भी गति मिली है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की एक एकड़ 85 डिसमिल जमीन भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण को निःशुल्क हस्तांतरित करने पर मुहर लगाई गई है। इस जमीन का उपयोग एयरपोर्ट से संबंधित आधारभूत संरचना और अन्य विकास कार्यों के लिए किया जाएगा।
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज की अवधि को 30 जून 2026 तक बढ़ा दिया गया है, ताकि निवेशकों की रुचि बनी रहे और राज्य में उद्योग-धंधे फलें-फूलें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन में बड़े बदलाव
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई अहम निर्णय लिए गए हैं:
- नामकरण: मां सीता की जन्मभूमि सीतामढ़ी में बन रहे राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम ‘मां सीता चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, सीतामढ़ी’ करने को स्वीकृति मिली है।
- केंद्रीय विद्यालय: अरवल और शेखपुरा में केंद्रीय विद्यालय के भवन निर्माण के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को एक रुपये के टोकन मूल्य पर 30 वर्षों के लिए लीज नवीनीकरण विकल्प के साथ जमीन बंदोबस्त करने को मंजूरी दी गई है।
नगर निकाय चुनाव में ई-वोटिंग और इलेक्ट्रिक बसें
सरकार ने पर्यावरण और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए भी कदम उठाए हैं:
- इलेक्ट्रिक बसें: प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत बिहार में 400 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इस योजना के लिए 517.16 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और यह योजना 12 वर्षों तक लागू रहेगी। इन बसों का वितरण इस प्रकार होगा:
- पटना: 150 बसें
- गया: 50 बसें
- भागलपुर: 50 बसें
- मुजफ्फरपुर: 50 बसें
- दरभंगा: 50 बसें
- पूर्णिया: 50 बसें
यह पहल प्रदूषण कम करने और शहरी यातायात को सुगम बनाने में सहायक होगी।
- ई-वोटिंग: नगरपालिका चुनाव 2026 में ई-वोटिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। इस पर लगभग 31.45 लाख रुपये खर्च होंगे। यह सुविधा खासकर वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए होगी, लेकिन इसका लाभ बिहार से बाहर रहने वाले मतदाता भी उठा पाएंगे, जिससे मतदान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ बनेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र यादव भी मौजूद रहे। आपको बता दें कि यह सरकार की तीसरी कैबिनेट बैठक थी। इससे पहले 22 अप्रैल को हुई पहली बैठक में 22 एजेंडों पर और उसके बाद हुई बैठक में 64 एजेंडों पर मुहर लगी थी। इस बार कुल 20 एजेंडों को मंजूरी मिली है, जिसमें बिहार AI मिशन और आगामी कैबिनेट विस्तार से संबंधित निर्णय भी शामिल हैं।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
चुनाव सुधार और अन्य महत्वपूर्ण फैसले
बिहार कैबिनेट ने 2026 के नगरपालिका चुनावों से ‘ई-वोटिंग’ सुविधा शुरू करने का भी अहम फैसला लिया है। यह सुविधा विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और राज्य से बाहर रहने वाले मतदाताओं के लिए होगी, जिससे वे अपने मताधिकार का प्रयोग आसानी से कर सकें। इस पर लगभग 31.45 लाख रुपये का खर्च अनुमानित है, और एक केंद्रीय तकनीकी संस्था को इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इससे मतदान प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इन Bihar Cabinet Decisions से राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और डिजिटल गवर्नेंस को नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद है, जो बिहार को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाने में सहायक होंगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







