
आरा हत्याकांड: भोजपुर जिले में एक साल पहले हुए सनसनीखेज प्राइवेट शिक्षक धर्मेंद्र कुमार हत्याकांड में आखिरकार पुलिस को बड़ी सफलता मिल गई है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी राहुल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वह करीब एक साल से फरार चल रहा था। एसपी राज ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
क्या था आरा हत्याकांड?
उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव निवासी प्राइवेट शिक्षक धर्मेंद्र कुमार को 23 जुलाई 2023 की सुबह अपराधियों ने गोलियों से भून दिया था। घटना उस वक्त हुई जब धर्मेंद्र अपने दोस्त राजू कुमार और उसके 8 वर्षीय बेटे ऋषभ कुमार को बाइक से आरा स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। रास्ते में अज्ञात हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया और करीब से सात गोलियां मारीं, जिससे धर्मेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। इस सनसनीखेज आरा हत्याकांड में पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। हमले में धर्मेंद्र के दोस्त राजू कुमार भी गोली लगने से घायल हो गए थे, जिनका इलाज कराया गया। मृतक के चाचा सुरेश कुमार सिंह ने इस मामले में राहुल कुमार सिंह समेत कुल छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी।
कैसे हुई थी धर्मेंद्र कुमार की हत्या?
धर्मेंद्र कुमार की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। अपराधियों ने उनकी बाइक रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इस धर्मेंद्र कुमार हत्याकांड के बाद परिवार में मातम छा गया था और स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश था।
फरार आरोपी राहुल कुमार गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी राहुल कुमार को आखिरकार धर दबोचा है। राहुल कुमार पवना थाना क्षेत्र के पवार गांव निवासी संजय यादव का बेटा है। उसकी गिरफ्तारी उदवंतनगर थाना क्षेत्र के जीरो माइल से की गई। राहुल कुमार घटना के बाद से ही पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और लगातार अपनी जगह बदल रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पुलिस अधीक्षक राज के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार करने में सफलता पाई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







