
सांड का हमला: बिहार के दरभंगा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक आवारा सांड ने खुशहाल माहौल को पलभर में मातम में बदल दिया। सड़क पर रोजमर्रा की तरह गुजर रहे लोगों को क्या पता था कि एक आवारा सांड पलभर में कहर बन जाएगा। इस खौफनाक सांड के हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
सांड का हमला: दरभंगा-मुजफ्फरपुर सीमा पर मचा कोहराम
यह घटना सिंहवाड़ा थानाक्षेत्र के सीमावर्ती क्षेत्र मुजफ्फरपुर जिले के कटरा के बुधकारा में हुई। एक आवारा सांड ने अचानक हमला कर दिया, जिससे मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र के बुधकारा गांव निवासी महेश सहनी की मौके पर ही मौत हो गई। महेश सहनी अपने गांव स्थित खेत से भैंस को देखकर घर जा रहे थे, तभी सांड ने उन्हें पटक-पटककर मार डाला। उधर, पड़ोस के गांव तेहबारा निवासी रेहाना खातून भी इस हमले का शिकार बनीं। वह बाइक से अपने स्वजन के साथ जा रही थीं, तभी सांड ने पीछे से उन पर हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गईं। गंभीर हालत में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, सिंहवाड़ा में भर्ती कराया गया है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रेमचंद ने बताया कि महिला की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने महेश सहनी को मृत घोषित कर दिया।
मृत घोषित होने पर भी परिजन अड़े, अस्पताल में हुआ हंगामा
महेश सहनी को मृत घोषित किए जाने के बाद भी उनके स्वजन मानने को तैयार नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि महेश अभी भी जिंदा हैं और उन्हें तत्काल डीएमसीएच रेफर करने के लिए एंबुलेंस की मांग करने लगे। इस दौरान, एक चिकित्सक ने उन्हें समझाया कि एंबुलेंस शव ले जाने के लिए नहीं, बल्कि जीवित मरीजों के लिए उपलब्ध होती है। यह सुनकर स्वजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि, बाद में समझाने-बुझाने के बाद सभी शांत हो गए। चिकित्सा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अस्पताल लाने से पहले ही जख्मी की मौत हो चुकी थी, लेकिन परिजन एम्बुलेंस के लिए हंगामा करते रहे। यह घटना पूरे दरभंगा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
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पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़
महेश सहनी की मौत के बाद उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी पत्नी संझा देवी अपने दो पुत्रों और तीन बेटियों में से एक अविवाहित पुत्री से लिपटकर दहाड़ मारकर रो रही थी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। इस दुखद सांड के हमले की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।







