
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन: बिहार के मधुबनी में जल्द ही देश का प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) अपनी सेवाएं देना शुरू कर सकता है। जिलाधिकारी ने इसके अस्थायी कैंपस का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया है, जिससे राज्य में डिजाइन शिक्षा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। यह संस्थान मिथिलांचल को एक नई पहचान दिलाने को तैयार है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन: अस्थायी कैंपस का निरीक्षण और निर्देश
मधुबनी जिला प्रशासन प्रस्तावित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID) की स्थापना को लेकर तेजी से काम कर रहा है। हाल ही में, जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने घोघरडीहा अंचल अंतर्गत भपटीयाही स्थित ओबीसी महिला छात्रावास भवन का देर शाम निरीक्षण किया। यह निरीक्षण NID के अस्थायी कैंपस की स्थापना के संबंध में था। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने भवन की संरचना, उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, आवागमन और शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन के लिए आवश्यक तैयारियों का गहन आकलन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि संस्थान के सफल संचालन के लिए आधारभूत संरचनाओं को शीघ्रता से विकसित किया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत सरकार से अंतिम स्वीकृति मिलते ही संस्थान का संचालन तुरंत प्रारंभ किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह बिहार का पहला नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन होगा, जिसके स्थायी कैंपस को मिथिला चित्रकला संस्थान, मधुबनी के आसपास स्थापित करने की संभावना है। जिला प्रशासन इस दिशा में युद्धस्तर पर कार्यवाही कर रहा है।
बिहार और मिथिलांचल को क्या मिलेंगे फायदे?
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन देश के सबसे प्रतिष्ठित और राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में से एक है। यह संस्थान डिजाइन, नवाचार, कला और रचनात्मकता के क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करता है। मधुबनी में इसकी स्थापना से बिहार, खासकर मिथिला क्षेत्र को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे।
- मिथिला पेंटिंग और पारंपरिक लोक कलाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी।
- स्थानीय कलाकारों और युवाओं को आधुनिक डिजाइन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे ‘लोकल टू ग्लोबल’ की अवधारणा को मजबूती मिलेगी।
- बिहार के विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय डिजाइन शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में पलायन नहीं करना पड़ेगा।
- युवाओं के लिए नए करियर और रोजगार के अवसर विकसित होंगे।
कला, संस्कृति और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
इस संस्थान के खुलने से मधुबनी जिले में शिक्षा, पर्यटन, होटल, परिवहन, किराया, हस्तशिल्प और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को व्यापक बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही, मधुबनी देश के प्रमुख ‘क्रिएटिव एवं डिजाइन एजुकेशन हब’ के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि यह संस्थान केवल एक शैक्षणिक केंद्र नहीं होगा, बल्कि बिहार की कला, संस्कृति, नवाचार और युवा क्षमता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/






