
रामनगर विधायक: चंपारण की सियासत में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में रामनगर (सु) सीट से पहली बार भाजपा विधायक बने नंदकिशोर राम को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। यह क्षण रामनगर के लिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि लगभग 21 साल बाद इस क्षेत्र को कैबिनेट में प्रतिनिधित्व मिला है।
यह नियुक्ति केवल एक राजनीतिक कदम नहीं, बल्कि एक रणनीतिक फैसला है। पार्टी का उद्देश्य महादलित समुदाय के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना और जमीनी कार्यकर्ताओं को सम्मान देना है। नंदकिशोर राम ने महज छह महीने पहले हुए विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड सवा लाख से अधिक मतों से जीत हासिल कर सबको चौंका दिया था। सरकार में उनके शामिल होने से भाजपा ने सीमावर्ती इलाकों में अपनी पैठ को और पुख्ता कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
नंदकिशोर राम: कार्यकर्ता से कैबिनेट मंत्री तक का सफर
नंदकिशोर राम की राजनीतिक यात्रा संघर्षों और दृढ़ता से भरी रही है। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत साल 1994 में बहुजन समाज पार्टी के साथ की थी। साल 1998 में उन्होंने बगहा लोकसभा सुरक्षित सीट से चुनाव भी लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद कुछ समय तक जदयू में रहने के बाद, उन्होंने अंततः भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। भाजपा में उन्होंने संगठन के प्रति अपनी निष्ठा साबित की और बगहा जिला संगठन में उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत रहे। शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उन्होंने बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में बीए ऑनर्स की डिग्री हासिल की है।
रामनगर विधायक बनने का गौरव और महादलित समुदाय पर प्रभाव
रामनगर विधानसभा क्षेत्र के लिए यह पल बेहद गौरवशाली है। लगभग 21 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस क्षेत्र को मंत्रिपरिषद में स्थान मिला है। नंदकिशोर राम मूल रूप से बगहा 1 प्रखंड के कोल्हुवा गांव के निवासी हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा रामनगर के ही हरिनगर उच्च विद्यालय से हुई है। जैसे ही उनके मंत्री बनने की आधिकारिक सूचना रामनगर पहुंची, पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल छा गया। स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस उपलब्धि की बधाई दी। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि नंदकिशोर राम के मंत्री बनने से इलाके के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और महादलित समुदाय में पार्टी की पैठ मजबूत होगी।
क्षेत्र की उम्मीदें और पार्टी का संदेश
मंत्री पद की शपथ लेने के बाद नंदकिशोर राम ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता को रामनगर विधायक और फिर छह महीने के भीतर मंत्री बनाना सिर्फ भाजपा जैसी पार्टी में ही संभव है। उन्होंने इस दिन को अपने जीवन का सबसे गौरवशाली क्षण बताया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनडीए ने दलितों और पिछड़ों के बीच एक मजबूत संदेश देने के लिए नंदकिशोर राम को चुना है। उनकी बड़ी चुनावी जीत और संगठन में उनकी सक्रियता ने उन्हें इस पद का सबसे प्रबल दावेदार बना दिया था।
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