
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के अवसर पर एक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देश भर के विद्वानों ने गुरुदेव के बहुआयामी व्यक्तित्व और दार्शनिक विचारों पर प्रकाश डाला। यह सेमिनार टैगोर के प्रकृति प्रेम, मानववाद और शिक्षा दर्शन को समझने का एक महत्वपूर्ण मंच बना।
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के दर्शनशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय सेमिनार की अध्यक्षता प्रभारी अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विश्वविद्यालय संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. ममता स्नेही और विशिष्ट वक्ता के रूप में सीएम कॉलेज दरभंगा के डॉ. आदित्य कुमार सिंह उपस्थित रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
मुख्य वक्ताओं ने साझा किए विचार
मुख्य वक्ता डॉ. ममता स्नेही ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के दार्शनिक विचारों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें उनकी प्रकृति, मानववाद और आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि शामिल थी। विशिष्ट वक्ता डॉ. आदित्य सिंह ने रवींद्रनाथ टैगोर के जीवन परिचय और उनके शिक्षा दर्शन को छात्र-छात्राओं के बीच प्रस्तुत किया। सेमिनार की शुरुआत में, विभाग के अध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार ने गुरुदेव के प्रकृति प्रेम और मानववाद जैसे विचारों का परिचय दिया।
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती: गुरुदेव का शिक्षा दर्शन और विश्वबंधुत्व
दर्शनशास्त्र विभाग के डॉ. संजीव कुमार साह ने अपने संबोधन में गुरुदेव के विश्वबंधुत्व, उनकी रचनात्मकता, साहित्य और कला के प्रति उनके प्रेम को उजागर किया और छात्रों को इन मूल्यों को आत्मसात करने पर जोर दिया। विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. प्रियंका राय ने रवींद्रनाथ टैगोर के नव्य वेदांत पर चर्चा करते हुए उनके दर्शन के आध्यात्मिक पहलुओं को सबके समक्ष रखा। इस दौरान मिल्लत कॉलेज की डॉ. सोनी शर्मा ने गुरुदेव द्वारा दिखाए गए मार्ग के अनुकरण की आवश्यकता पर बल दिया। मारवाड़ी कॉलेज की डॉ. प्रिय नंदन, डॉ. शालिनी रानी दास और बेनीपुर सब डिविजनल कॉलेज की डॉ. गुंजन कुमारी ने भी अपने-अपने विचारों से छात्राओं को लाभान्वित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन शेष ने किया, जबकि मंच संचालन ईशान द्वारा कुशलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह राष्ट्रीय सेमिनार, रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के अवसर पर, गुरुदेव के शाश्वत संदेश को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाने में सफल रहा और विश्वविद्यालय सहित अन्य विभागों के शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने इसमें बड़ी संख्या में भाग लिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें






