
बक्सर कोर्ट समन: बिहार के बक्सर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ अदालत ने बिजली विभाग के पाँच कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पुलिस की क्लीन चिट के बावजूद, एक महिला की विरोध याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने इन सभी को समन जारी किया है और अब उन्हें अदालत में पेश होना होगा।
बक्सर जिला और अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सह विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी बक्सर की अदालत ने यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। ब्रह्मपुर निवासी धर्मशिला कुमारी द्वारा दायर ‘विरोध याचिका’ पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है। पुलिस ने इस मामले में केस बंद करने की सिफारिश की थी, लेकिन अदालत ने प्रथम दृष्टया अपराध पाते हुए सभी आरोपियों को 27 मई 2026 को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है। शिकायतकर्ता धर्मशिला कुमारी (पिता- शंभू नट, निवासी ब्रह्मपुर) ने 20 अगस्त 2023 को ब्रह्मपुर थाने में एक एफआईआर (संख्या- 23/2023) दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस ने 2 जनवरी 2024 को फाइनल रिपोर्ट दाखिल करते हुए केस को बंद करने की सिफारिश की थी।
‘विरोध याचिका’ पर बक्सर कोर्ट समन का कड़ा रुख
पुलिस की जांच से असंतुष्ट शिकायतकर्ता ने अदालत में विरोध याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने 28 फरवरी 2025 को इस याचिका को स्वीकार करते हुए इसे ‘कंप्लेंट केस’ के रूप में चलाने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता धर्मशिला कुमारी का शपथ पत्र दर्ज किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसके अलावा, मामले की पुष्टि के लिए दीपक सिंह, संजय सिंह और चंदन कुमार पांडेय जैसे तीन गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए। केस डायरी और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद, माननीय न्यायाधीश ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ मामला चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
किन धाराओं में चलेगा मुकदमा?
अदालत ने सभी पाँच आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) और एससी-एसटी (पीओएस) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत संज्ञान लिया है। इनमें शामिल हैं:
- धारा 323: स्वेच्छा से चोट पहुँचाना
- धारा 341: गलत तरीके से रास्ता रोकना
- धारा 504: शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना
- धारा 506: आपराधिक धमकी देना
- एससी-एसटी (पीओएस) एक्ट: जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और अपमान करना
किन कर्मियों को मिला समन?
इस बक्सर कोर्ट समन मामले में समन पाने वाले सभी आरोपी बिजली विभाग के कर्मचारी हैं। इनमें अमित राय (पिता- निर्मल कुमार राय), विभोर तिवारी (पिता- स्व. सत्येन तिवारी), ऋतुराज प्रसाद (पिता- भेखराज प्रसाद), वर्मा यादव (पिता- स्व. गरीबा यादव), और बबलू पांडेय (पिता- स्व. नवांसी पांडेय) के नाम शामिल हैं। अमित राय को बिजली विभाग का जेई बताया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अदालत ने आदेश की प्रति जारी करते हुए शिकायतकर्ता को निर्देश दिया है कि वह 7 दिनों के भीतर ‘प्रोसेस फी’ और शिकायत की प्रतियां कार्यालय में जमा करें, ताकि आरोपियों को कानूनी रूप से समन भेजा जा सके। इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 मई 2026 को होगी, जहाँ आरोपियों को अपना पक्ष रखना होगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







