
Health and Wellness Center: बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। लखीसराय के सूर्यगढ़ा स्थित रसूलपुर हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर की हालत देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे, जहां न मरीजों को इलाज मिल पा रहा है और न स्वास्थ्यकर्मियों को पीने का साफ पानी।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री भले ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के बड़े-बड़े दावे कर रहे हों, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इन दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों को Health and Wellness Center में बदलकर वहां सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) की तैनाती तो की है, लेकिन धरातल पर व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी है।
ड्यूटी से गायब ‘सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी’, लटका ताला
शनिवार सुबह ‘प्रभात पड़ताल’ के दौरान रसूलपुर स्थित Health and Wellness Center में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। केंद्र खुला तो था, लेकिन वहां तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी आरती कुमारी नदारद थीं। मौके पर मौजूद एएनएम प्रमिला कुमारी और मालती कुमारी ने बताया कि सीएचओ सप्ताह में दो दिन (गुरुवार और शनिवार) पुनाडीह सेंटर की जिम्मेदारी संभालती हैं। इस दोहरी व्यवस्था के कारण स्थानीय मरीजों को उचित परामर्श नहीं मिल पा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। मरीजों को इलाज नहीं मिल पाने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
दवाओं का अता-पता नहीं, आरओ पानी भी अनुपलब्ध
सेंटर की बदहाली का आलम यह है कि सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के कमरे में ताला बंद होने के कारण वहां उपलब्ध महत्वपूर्ण दवाइयों तक किसी की पहुंच नहीं है। एएनएम ने बताया कि उनके पास दवाओं की कोई सूची उपलब्ध नहीं है और बाहर रखी गिनी-चुनी दवाओं से ही काम चलाना पड़ रहा है। हद तो यह है कि विभाग ने शुद्ध पेयजल के लिए सीएचओ के कमरे में आरओ सिस्टम लगवाया है, लेकिन कमरे में ताला बंद रहने के कारण स्वास्थ्य कर्मियों को पीने के पानी के लिए सीधे मोटर चलाकर असुरक्षित पानी लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। व्यवस्था की यह तस्वीर गंभीर सवाल खड़े करती है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
अधिकारियों ने मानी कमी, सुधार का आश्वासन
इस संबंध में सूर्यगढ़ा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वाई. के. दिवाकर ने स्वीकार किया कि सीएचओ की कमी के कारण एक अधिकारी को एक से अधिक केंद्रों की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे परेशानी हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रसूलपुर सेंटर की कमियों की जांच की जाएगी और व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा। फिलहाल, इस अव्यवस्था के कारण आसपास के ग्रामीणों में विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। यह बदहाली स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल उठाती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।







